पटना: बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉक्टर प्रेम कुमार ने सदन की समितियों की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में लोक लेखा समिति (PAC) और सरकारी उपक्रमों से संबंधित समिति की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने विभागों की सुस्ती और वरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति पर गहरी चिंता जताई।
2008 से लंबित हैं मामले: 1000 से अधिक कंडिकाएं बकाया
बैठक के दौरान स्पीकर ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि कुछ विभागीय मामले वर्ष 2008 से ही लंबित पड़े हैं।
- चिंताजनक आंकड़े: वर्तमान में समितियों के पास 1000 से भी अधिक कंडिकाएं लंबित हैं।
- अधिकारियों को अल्टीमेटम: अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि अगले 6 महीनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर इन सभी लंबित मामलों का निष्पादन किया जाए।
”वरीय अधिकारी बैठक से न रहें गायब”
अध्यक्ष ने पाया कि अक्सर विभाग की समीक्षा बैठकों में अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव जैसे वरीय पदाधिकारी अनुपस्थित रहते हैं, जिससे बैठकों का महत्व कम हो जाता है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि:
- भविष्य की बैठकों में विभाग के प्रधान (ACS/सचिव) की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
- बैठकों की तिथि भी अधिकारियों की उपलब्धता के आधार पर तय की जाए ताकि पारदर्शिता और गति बनी रहे।
- मुख्य सचिव अपने स्तर से सभी विभागों को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी करें।
समितियां हैं ‘मिनी पार्लियामेंट’, जवाबदेही होगी तय
डॉक्टर प्रेम कुमार ने समितियों के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्हें ‘मिनी पार्लियामेंट’ करार दिया।
”विधानसभा सत्र साल में केवल तीन बार होता है, लेकिन समितियां पूरे साल सक्रिय रहकर जनसाधारण की समस्याओं का समाधान करती हैं। हमें भारतीय संसद की तर्ज पर बिहार में भी समितियों को अत्यधिक सक्रिय बनाना है।”
स्पीकर की बड़ी घोषणाएं:
- मंथली रिव्यू: अध्यक्ष अब हर महीने अनिवार्य रूप से सभी समितियों की समीक्षा बैठक लेंगे।
- सत्र की अवधि: सदन में चर्चा के लिए पर्याप्त समय मिल सके, इसके लिए वे सरकार से विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की सिफारिश करेंगे।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी
समीक्षा बैठक में सरकारी उपक्रम समिति के सभापति श्री हरि नारायण सिंह, लोक लेखा समिति के सभापति भाई वीरेंद्र, माननीय सदस्य उमेश सिंह कुशवाहा, विजय कुमार खेमका, मनोज शर्मा, वित्त सचिव श्रीमती रचना पाटिल, महालेखाकार के अधिकारी और विधानसभा की प्रभारी सचिव श्रीमती ख्याति सिंह सहित कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
