रोहतास | 10 मार्च 2026
बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत रोहतास पहुंचे जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर कड़ा प्रहार किया है। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए बिहार में बढ़ते पलायन और बेरोजगारी को मुख्य मुद्दा बनाया।
पलायन और बेरोजगारी: दावों बनाम हकीकत का विश्लेषण
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के उस वादे पर तंज कसा, जिसमें 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा, “तीन महीने बीत जाने के बाद भी एक व्यक्ति को भी रोजगार नहीं मिला है।
बिहार की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अब केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि खुद मुख्यमंत्री भी (राजनीतिक रूप से) पलायन की राह पर हैं।”
उन्होंने हालिया दुखद घटनाओं का जिक्र करते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए:
गुजरात में मौतें: रोहतास के 4 बच्चों की गुजरात में महज 1,000 रुपये की नौकरी के लिए हुई मौत को उन्होंने व्यवस्था की विफलता बताया।
नेताओं की चुप्पी: PK ने सवाल किया कि नवंबर से अब तक 50 बिहारी बच्चों की मौत पर पीएम मोदी, अमित शाह या नीतीश कुमार ने चुप्पी क्यों साधी हुई है?
चिराग पासवान पर निशाना: उन्होंने दलित राजनीति का जिक्र करते हुए चिराग पासवान पर भी हमला बोला और पूछा कि पासवान समाज के नाम पर राजनीति करने वालों ने इन मौतों पर स्टैंड क्यों नहीं लिया?
राजनीतिक भविष्यवाणियां और चुनावी चुनौती
किशोर ने अपने पुराने दावों को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने बहुत पहले ही कह दिया था कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा, “अगर भाजपा को अपनी ताकत पर इतना ही भरोसा है, तो एक बार फिर नीतीश कुमार के नाम पर चुनाव लड़कर दिखा दें।”
प्रशांत किशोर का यह दौरा और उनके तीखे तेवर स्पष्ट करते हैं कि आगामी राजनीतिक समीकरणों में ‘पलायन’ और ‘रोजगार की विफलता’ को वे सबसे बड़ा हथियार बनाने जा रहे हैं। सत्ताधारियों के साथ-साथ विपक्षी चेहरों पर उनका प्रहार यह संकेत देता है कि जन सुराज बिहार में एक ‘तीसरे विकल्प’ की जमीन मजबूती से तैयार कर रहा है।
