जनता दल यूनाइटेड राजनैतिक दल के शुरुआत से ही नेतृत्व के केंद्र रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा कल ही अचानक राज्यसभा का नामांकन भर दिया है। इससे देश भर के साथ मुख्य रूप से बिहार के जदयू नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई हैं।
इस स्थिति में बिहार के जेडीयू नेता व कार्यकर्ताओं अपने आप को अनाथ व बेसहारा समझने लगे है। इन्हें अपना भविष्य अंधकारमय लग रहा हैं। अनेक ऐसे भी जदयू नेता और कार्यकर्ता है जिन्हें यह विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनके दल के मुखिया और राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर राज्यसभा की सदस्यता लेने का आवेदन दिया है।
जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं का कल तक सबसे ज्यादा रोष जदयू कोटे से केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री ललन सिंह, राज्यसभा सांसद संजय झा और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी पर रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में जदयू नेता व कार्यकर्ता गुरुवार सुबह से ही मुख्यमंत्री निवास 1 अन्ने मार्ग पर उपस्थित थे।
और इन लोगों का गुस्सा अपने नेताओं पर जमकर बरसा। इन लोगों को मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश के दौरान कार्यकर्ताओं का आमने सामने का विरोध झेलना पड़ा। कार्यकर्ता भाजपा शीर्ष नेतृत्व के विरोध में भी नारेबाजी करते दिखे।
आज सुबह से जदयू के पटना स्थित मुख्यालय में भी कार्यकर्ताओं का कल जैसा ही रोष दिखा। कल उग्र जदयू कार्यकर्ताओं ने जेडीयू कार्यालय में जमकर तोड़ फोड़ की थी। आज भी कार्यकर्ताओं में दिखा। आज जेडीयू कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा नेतृत्व के शीर्ष नेताओं वाले पोस्टर पर कालिख पौतते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
आज शाम को 4 बजे ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू पदाधिकारीयों की एक बैठक बुलाई थी। जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं की क्या क्रिया प्रतिक्रिया हुई थोड़ी देर में…..!
