पटना | 28 फरवरी, 2026
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में शहर की यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण उन्मूलन और परिवहन प्रबंधन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजधानी की सड़कों को सुरक्षित, व्यवस्थित और जाम-मुक्त बनाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहिष्णुता) की नीति अपनाई जाएगी।
- अतिक्रमण पर कड़ा प्रहार
जिलाधिकारी ने अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) को निर्देश दिया कि शहर के मुख्य मार्गों जैसे नेहरू पथ, गांधी मैदान, बैरिया, अशोक राजपथ और अटल पथ पर नियमित रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाए। - अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण: सड़कों पर अवैध रूप से काबिज दुकानों और ढांचों को चिन्हित कर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
- वेंडिंग जोन: वेंडर्स के लिए व्यवस्थित जगह (वेंडिंग जोन) निर्धारित की जाएगी ताकि वे सड़क बाधित किए बिना अपना जीविकोपार्जन कर सकें।
- स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और तकनीक का उपयोग
पटना को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। बैठक में साझा किया गया कि:
- सीसीटीवी नेटवर्क: पटना के 415 स्थानों पर 3300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें रेड लाइट वायलेशन (473), नंबर प्लेट पहचान (150) और स्पीड डिटेक्शन (12) कैमरे शामिल हैं।
- ITMS: इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीसीटीवी के आधार पर सीधे आर्थिक दंड (चालान) लगाया जाएगा।
- पब्लिक एड्रेस सिस्टम: 69 प्रमुख स्थानों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से नागरिकों को जागरूक और निर्देशित किया जाएगा।
- सुगम यातायात के लिए ‘शॉर्ट-टर्म’ और ‘लॉन्ग-टर्म’ प्लान
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पटना को आवागमन के लिए अनुकूल बनाने हेतु निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्य करें:
- इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों का चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण, एस्केलेटर युक्त फुट ओवरब्रिज (FOB) और अंडरपास का निर्माण।
- ट्रैफिक रेगुलेशन: अनावश्यक कट्स को बंद करना, जेब्रा क्रॉसिंग बनाना और वन-वे नियमों का सख्ती से पालन कराना।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट: ई-रिक्शा और ऑटो के लिए रूट व स्टॉपेज निर्धारित करना। सार्वजनिक बसें अब सीएनजी आधारित और आधुनिक तकनीक से लैस हैं।
- अंतर-विभागीय समन्वय (Inter-departmental Coordination)
डॉ. त्यागराजन ने कहा कि यह केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। नगर विकास, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, NHAI, वन विभाग और पथ निर्माण विभाग को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि:
- अधिकारी नियमित रूप से सड़कों पर पेट्रोलिंग करें। नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। पब्लिक न्यूसेंस’ (जनता को परेशानी) पैदा करने वालों को नोटिस देकर कार्रवाई की जाए।
“पटना हमारे राज्य की राजधानी है और पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार है। इसे जाम और प्रदूषण से मुक्त रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण दबाव बढ़ा है, लेकिन हम बेहतर इंजीनियरिंग और सख्त प्रवर्तन (Enforcement) के जरिए जनता को सर्वोत्तम सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” – डॉ. त्यागराजन एस.एम., जिलाधिकारी, पटना
इस महत्वपूर्ण बैठक में पटना सदर, दानापुर और पटना सिटी के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), और यातायात पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
