पटना। जिला प्रशासन ने विकास योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सोमवार को समाहरणालय के सभागार में आयोजित बैठक में जिला-स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों की योजनाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए। उप विकास आयुक्त को इसकी निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों और लाभुकों से फीडबैक लिया जाएगा, जिसके आधार पर निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट सौंपी जाएगी। डीएम ने कहा कि इन रिपोर्ट्स और जनता के सुझावों पर तत्काल कार्रवाई होगी। उन्होंने पटना जिले में सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर संतोष जताते हुए बताया कि आज 23 बाल विकास परियोजनाओं के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूरक पोषाहार योजना के तहत टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण की फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) से औचक जांच हुई।
23 जिला-स्तरीय पदाधिकारियों ने केंद्रों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की, जिसकी समीक्षा बैठक भी हुई। डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों की बेहतर स्थिति की सराहना की और कहा कि टीएचआर वितरण में पारदर्शिता बरती जा रही है। जिला प्रशासन सभी केंद्रों पर निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है।
भविष्य में अस्पताल, स्कूल, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राशन दुकानें, छात्रावास, खेल मैदान, सड़कें, चापाकल, नल-जल, मनरेगा, आवास योजना समेत कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज आदि विभागों की योजनाओं का नियमित निरीक्षण होगा। डीएम ने जोर देकर कहा कि पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और जनसेवा जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। रोस्टर के तहत निरीक्षण से व्यवस्था जनोन्मुखी बनी रहेगी
