Friday, February 20, 2026
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बिहार विधान सभा की तर्ज पर बनेगा नेपाल के मधेश प्रदेश का पुस्तकालय: विस अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से मिले राम आशीष यादव

पटना, 20 फरवरी 2026: भारत और नेपाल के बीच की दूरियां अब संसदीय परंपराओं और ज्ञान के आदान-प्रदान से और कम होंगी। शुक्रवार को नेपाल के मधेश प्रदेश (जनकपुर धाम) के विधान सभा अध्यक्ष श्री राम आशीष यादव ने बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार मुलाकात की।

इस दौरान दोनों नेताओं के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मेहमानों का स्वागत करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय में उपस्थित रहे।इनलोगों में भारत-नेपाल द्विपक्षीय संबंधों और संसदीय कार्यप्रणाली को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

बिहार की लाइब्रेरी बनेगी मॉडल: मुलाकात के दौरान श्री यादव ने बिहार विधान सभा की आधुनिक लाइब्रेरी का अवलोकन किया। उन्होंने वहां की समृद्ध संदर्भ सामग्री और सुव्यवस्थित व्यवस्था की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। श्री यादव ने घोषणा की कि:

* मधेश प्रदेश विधान सभा अभी नव-निर्मित है।

* वहां जल्द ही एक आधुनिक लाइब्रेरी की स्थापना की जानी है।

* यह लाइब्रेरी पूरी तरह से बिहार विधान सभा पुस्तकालय की तर्ज पर विकसित की जाएगी।

परंपरा और सम्मान का मिलनबैठक में सौहार्दपूर्ण वातावरण दिखा। मधेश प्रदेश के अध्यक्ष ने डॉ. प्रेम कुमार को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट किए, वहीं डॉ. कुमार ने उन्हें पारंपरिक पटका और गयाजी का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

भारत और नेपाल के संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हैं। संसदीय परंपराओं का यह साझा प्रयास हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूती प्रदान करेगा।”— डॉ. प्रेम कुमार, अध्यक्ष, बिहार विधान सभा

संसदीय संबंधों में नया अध्यायइस मुलाकात को भारत-नेपाल संबंधों में ‘सॉफ्ट डिप्लोमेसी’ के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विधायी अनुभवों के इस आदान-प्रदान से दोनों देशों के जनप्रतिनिधियों और शोधार्थियों को भविष्य में बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

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