Monday, February 23, 2026
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पटना में जनगणना 2027 को लेकर राज्यस्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन, डिजिटल प्रक्रिया से होगा सर्वे

पटना, 23 फरवरी। भारत की आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर पटना में राज्यस्तरीय एकदिवसीय प्रशिक्षण सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है और इसकी सटीकता पर ही देश और राज्य की विकास नीतियां आधारित होती हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण यह प्रक्रिया समय पर नहीं हो सकी थी, लेकिन अब 15 वर्षों के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो चुकी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि “विकसित भारत, वैभवशाली भारत 2047” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जनगणना के शुद्ध और विश्वसनीय आंकड़े अत्यंत आवश्यक हैं। इसलिए इस कार्य को टीम भावना, पारदर्शिता और सटीकता के साथ पूरा किया जाए।

पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना: मुख्य सचिव ने बताया कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप और सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CMMS) के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे डेटा संग्रहण अधिक तेज और पारदर्शी होगा।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सह राज्य समन्वयक सीके अनिल ने बताया कि जनगणना प्रारंभ करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा।

उन्होंने जानकारी दी कि:17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक नागरिक मोबाइल ऐप के माध्यम से स्व-गणना कर सकेंगे।

02 मई 2026 से 31 मई 2026 तक घर-घर जाकर भौतिक सर्वेक्षण किया जाएगा।

सर्वेक्षण के दौरान नागरिकों से कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जो मकान, परिवार, बुनियादी सुविधाओं और घरेलू उपकरणों से संबंधित होंगे।

रणनीति, चुनौतियों और समन्वय पर चर्चा: जनगणना निदेशालय, बिहार के निदेशक एम. रामचंद्रुडू ने प्रशिक्षण सम्मेलन में पूरी प्रक्रिया और रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सत्र के दौरान “रोल ऑफ सेंसस फंक्शनरीज”, “फील्ड गतिविधियों में चुनौतियां”, “इंटर एजेंसी समन्वय एवं जन-जागरूकता” और “डिजिटल टूल्स फॉर सेंसस 2027” जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई।

सम्मेलन में अधिकारियों को जनगणना कार्य समयबद्ध, त्रुटिरहित और तकनीकी दक्षता के साथ पूरा करने का संकल्प दिलाया गया।

बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव बी. राजेंदर, प्रधान सचिव पंकज कुमार, वंदना प्रेयसी, सचिव जय सिंह, सुभाष दास गुप्ता सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब तेज हो गई हैं और डिजिटल माध्यम से पारदर्शी आंकड़ा संग्रह की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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