भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में बिहार, असम, ओडिशा समेत कई राज्यों के लिए 9 महत्वपूर्ण नामों की घोषणा की गई है। पार्टी ने इस बार अनुभवी नेताओं और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने वाले चेहरों पर भरोसा जताया है।

बिहार: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बिहार से मौका देकर बिहार में पार्टी ने अपनी पकड़ मजबूत करने के संकेत दिए हैं।

वहीं, भाजपा के बिहार से दूसरे कैंडिडेट के नाम चौंकाने वाला है। नितिन नवीन के साथ पार्टी ने दलित नेता शिवेश कुमार राम को प्रत्याशी बनाया है। यह सोच भाजपा को आगामी काल में दलित राजनीति8 में अपनी पैठ बनाने के प्रयास की दिशा में सार्थक कदम माना जा रहा है।
शिवेश कुमार राम बिहार बीजेपी के प्रमुख दलित चेहरे हैं. वे बचपन से ही आरएसएस से जुड़े रहे हैं और 2010 में अगिआंव (SC) सीट से विधायक चुने गए थे. वे प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सासाराम से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था.

असम: तेरस गोवाला असम की दुलियाजान विधानसभा सीट से बीजेपी के मौजूदा विधायक हैं. वे 2016 और 2021 में लगातार इस सीट से जीतकर आए हैं. गोवाला असम के चाय बागान समुदाय (Tea Tribes) के एक प्रमुख और प्रभावशाली नेता हैं, जिनकी जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं पर काफी अच्छी पकड़ है.

जोगेन मोहन: असम की राजनीति नें जोगेन मोहन का बड़ा नाम है। फिलहाल वह हिमंत बिस्वा सरमा की कैबिनेट में मंत्री हैं और उन्हें राजस्व समेत कई अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। 2016 से वह विधायक हैं। अब उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने असम सरकार के दो मंत्रियों को सीधे उच्च सदन भेजकर बड़ा संदेश दिया है। जोगेन मोहन की बात करें, तो वह प्रदेश की राजनीति में बीजेपी को मजबूत करने वाले चेहरों में गिने जाते हैं।

हरियाणा: संजय भाटिया हरियाणा के वरिष्ठ बीजेपी नेता हैं. वे 2019 से 2024 तक करनाल लोकसभा सीट से सांसद रहे और उन्होंने 2019 में देश में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी. पार्टी के भीतर उन्हें एक बेहद कुशल रणनीतिकार और संगठनकर्ता माना जाता है.

ओडिशा: ओडिशा में मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने आगामी विधानसभा और क्षेत्रीय राजनीति के मद्देनजर एक बड़ा दांव खेला है।

पार्टी ने ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता सुजीत कुमार को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। भाजपा की केंद्रीय समिति की ओर से जारी सूची में दोनों नेताओं के नाम शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला पूरी तरह रणनीतिक है। आगामी राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया है।

महिला प्रतिनिधित्व: छत्तीसगढ़ से श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने संगठन में महिला शक्ति की भागीदारी पर ज़ोर दिया है।वरिष्ठ भाजपा नेत्री लक्ष्मी वर्मा वर्तमान में राज्य महिला आयोग की सदस्य हैं और संगठन के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें यह बड़ा अवसर मिला है.

पश्चिम बंगाल: बंगाल से अनुभवी नेता राहुल सिन्हा को राज्यसभा भेजने का निर्णय पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। राहुल सिन्हा पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना-माना चेहरा हैं. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं. लंबे समय से बंगाल भाजपा में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. राहुल सिन्हा पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. भाजपा के शुरुआती दौर से ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में संगठन को खड़ा करने और उसे मजबूत करने में सक्रिय योगदान दिया
उनके कार्यकाल के दौरान राज्य में पार्टी का संगठनात्मक आधार मजबूत हुआ. विभिन्न आंदोलनों में भाजपा ने सक्रिय भूमिका निभायी. राहुल सिन्हा स्पष्टवादी और मुखर राजनेता के रूप में जाने जाते हैं.
यह सूची दर्शाती है कि भाजपा 2026 के राज्यसभा चुनावों के जरिए न केवल उच्च सदन में अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है, बल्कि विभिन्न राज्यों में अपने सांगठनिक आधार को भी मजबूती देना चाहती है।
