Tuesday, February 24, 2026
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प्रधानमंत्री ने किया बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ, 105 करोड़ की राशि ट्रांसफर

पटना। महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने आज बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जीविका निधि में 105 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। इस कदम से राज्य भर में कार्यरत 11 लाख से अधिक समूहों से जुड़ी 1 करोड़ 40 लाख से अधिक जीविका दीदियों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

पटना से जुड़ा वृहद कार्यक्रम

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह, जिलाधिकारी, पटना, उप विकास आयुक्त, पटना तथा 464 जीविका दीदियों ने पटना समाहरणालय से उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं, पटना जिले के 23 प्रखंडों के 65 संकुल संघों के 390 स्थानों से 83,523 से अधिक जीविका दीदियों ने जुड़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

जीविका दीदियों ने साझा किया अनुभव

कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं ने उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया है।

डीएम पटना का संबोधन

इस मौके पर जिलाधिकारी पटना ने कहा कि इस कार्यक्रम से जिले में सक्रिय 43,264 स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी 5,09,894 जीविका दीदियों की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक पहल की हैं –

पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में 50% आरक्षण

सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण

स्वयं सहायता समूहों के जरिए ‘‘जीविका’’ का क्रियान्वयन

पूर्ण मद्य निषेध कानून

इन कदमों से महिलाओं की स्थिति में क्रांतिकारी सुधार हुआ है।

नई योजना से रोजगार को बढ़ावा

डीएम ने हाल ही में शुरू की गई ‘‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत हर घर की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए 10,000 रुपये की पहली किस्त दी जाएगी। सितंबर माह से राशि का बैंक खातों में हस्तांतरण शुरू हो जाएगा। 6 माह बाद आकलन के आधार पर महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।

महिलाओं के जीवन में आ रहा बदलाव

डीएम ने कहा कि इन योजनाओं की बदौलत महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि वे परिवार के बच्चों और वृद्धजनों का भी समुचित ख्याल रख पा रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक असर दिख रहा है।

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