Wednesday, April 8, 2026
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पटना को रेबीज मुक्त बनाने की तैयारी: 6 महीने में 7 हजार से अधिक कुत्तों का टीकाकरण, अब हर वार्ड में बनेंगे ‘फीडिंग जोन’

पटना: राजधानी पटना में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाने और शहर को रेबीज मुक्त बनाने के लिए पटना नगर निगम ने अपना अभियान तेज कर दिया है। निगम ने पिछले छह महीनों में 7,333 आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण (ABC-ARV) का लक्ष्य पूरा कर लिया है। इसके साथ ही, पशु प्रेमियों और आम नागरिकों के बीच समन्वय बनाने के लिए शहर में कई नई पहल शुरू की जा रही हैं।

​अक्सर देखा जाता है कि लोग सड़कों या गलियों में कुत्तों को खाना खिलाते हैं, जिससे गंदगी फैलती है और कुत्ते एक ही जगह जमा होकर आक्रामक हो जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम प्रत्येक वार्ड में 10×10 फीट के विशेष ‘डॉग फीडिंग जोन’ विकसित करेगा। पशु प्रेमी अब इन्ही निर्धारित स्थानों पर कुत्तों को भोजन दे सकेंगे, जिससे सड़कों पर अनियंत्रित गंदगी नहीं फैलेगी।

​सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और कोर्ट परिसरों को आवारा कुत्तों से मुक्त रखने और कुत्तों के बेहतर पुनर्वास के लिए रामचक बैरिया में 1.29 एकड़ भूमि पर डॉग शेल्टर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

क्षमता: इस शेल्टर में एक साथ 2,000 कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी।

प्रस्ताव: विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार कर नगर विकास एवं आवास विभाग को मंजूरी के लिए भेज दी गई है।

​अभियान के दौरान अक्सर स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। इस पर निगम ने स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार, पकड़े गए कुत्तों को रामचक बैरिया स्थित डॉग हॉस्पिटल में नसबंदी और टीकाकरण के लिए अधिकतम एक सप्ताह रखा जाता है। उपचार और डी-वॉर्मिंग के बाद उन्हें पुनः उसी इलाके में छोड़ना कानूनी रूप से अनिवार्य है जहाँ से उन्हें पकड़ा गया था।

​नगर निगम ने अपील की है कि नागरिक आवारा कुत्तों से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। अब तक प्राप्त 366 शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जा चुका है।

कंट्रोल रूम: 0621-2200634, 9264447449

टोल-फ्री नंबर: 155304

वॉट्सऐप: 9472223909

​पटना नगर निगम का लक्ष्य राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शहर के 70% कुत्तों का टीकाकरण सुनिश्चित करना है ताकि संक्रमण की चेन को पूरी तरह तोड़ा जा सके।

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