Thursday, February 19, 2026
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प्रत्यय अमृत की सख्ती: खेल परिसरों में अनिवार्य CCTV, PPP मॉडल और संस्थागत सुधारों पर जोर

बिहार में खेल ढांचे को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में खेल सचिव महेन्द्र कुमार समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सुरक्षा, निगरानी, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल और संस्थागत सुधारों को लेकर स्पष्ट एवं कड़े निर्देश दिए।

पंचायत स्तर तक CCTV अनिवार्य: मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी पंचायत स्तरीय खेल परिसरों और आउटडोर स्टेडियमों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। उनका कहना था कि इससे न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होगी।

साथ ही, खेल क्लबों के सक्रिय संचालन को संस्थागत स्वरूप देने पर बल देते हुए उन्होंने सचिव स्तर पर नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी हो सके।

PPP मॉडल को मिलेगा बढ़ावा: बैठक में खेल क्षेत्र में स्वस्थ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट नीतिगत ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे निजी क्षेत्र और स्थानीय उद्योगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि यदि सुव्यवस्थित PPP मॉडल लागू किया गया तो यह राज्य में खेल विकास की गति को कई गुना बढ़ा सकता है। युवाओं को प्रतियोगिताओं और खेल आयोजनों से जोड़ने के लिए निजी क्षेत्र की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया।

क्लबों में जवाबदेही तय करने की नई व्यवस्था: जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक खेल क्लब के साथ जिला खेल पदाधिकारी, राज्य सरकार के खेल प्रशिक्षक और शारीरिक शिक्षक को टैग करने का निर्देश दिया गया। इससे क्लबों की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।

खेल सामग्री की खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए खुले आमंत्रण (ओपन कॉल) के माध्यम से आपूर्तिकर्ताओं और विक्रेताओं को सूचीबद्ध (एम्पैनल) करने का निर्णय लिया गया। साथ ही अधिकतम कीमत (कैपिंग प्राइस) तय करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि किसी प्रकार का मूल्य शोषण न हो और सभी क्लबों को समान दरों पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध हो सके।

एकलव्य केंद्रों की समीक्षा, हाफ मैराथन की तैयारी: मुख्य सचिव ने राज्य में संचालित 27 एकलव्य केंद्रों की समीक्षा करते हुए संतोष जताया और शेष प्रस्तावित केंद्रों को शीघ्र सक्रिय करने का निर्देश दिया।

विभाग ने जानकारी दी कि नवंबर और फरवरी माह में राज्य स्तर पर हाफ मैराथन का आयोजन प्रस्तावित है, जिसकी शुरुआत इसी वर्ष नवंबर से की जाएगी। यह पहल युवाओं में फिटनेस और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

खेल पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा: यह समीक्षा बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि बिहार सरकार खेल क्षेत्र को केवल आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि सुरक्षा, पारदर्शिता, संस्थागत मजबूती और निजी सहभागिता के माध्यम से एक मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

यदि निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक खेल संरचना में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।

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