Friday, August 14, 2026
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पटना में शोधार्थियों का अनशन 10वें दिन जारी: सरकार के साथ संवाद का रास्ता खुला

उच्च शिक्षा मंत्री से प्रतिनिधिमंडल की घंटे भर वार्ता

16 अगस्त को लोकभवन घेराव की तैयारी भी जारी

पटना, 13 अगस्त 2026: उम्र सीमा में वृद्धि समेत अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर चल रहा शोधार्थियों और पीएच.डी. धारकों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन गुरुवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच सरकार की ओर से आंदोलनकारियों को सकारात्मक संकेत मिले हैं। सत्ता पक्ष के विधान पार्षदों की पहल पर एक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर लगभग एक घंटे तक विस्तृत और गंभीर चर्चा की।

जनप्रतिनिधियों का मिला समर्थन

गुरुवार को जनता दल (यू) के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी प्रो. (डॉ.) वीरेंद्र नारायण यादव, डॉ. संजीव कुमार सिंह और भाजपा एमएलसी जीवन कुमार गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल पहुँचे। तीनों जनप्रतिनिधियों ने आंदोलनरत शोधार्थियों की

उम्र सीमा में छूट समेत सभी छह मांगों का पुरजोर समर्थन किया।

एमएलसी सदस्यों ने बताया कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से वार्ता कर चुके हैं तथा सरकार इन मांगों को लेकर गंभीर है। जनप्रतिनिधियों की पहल पर ही शोधार्थियों के एक छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ से मुलाकात तय कराई गई।

उच्च शिक्षा मंत्री से विस्तृत वार्ता

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य अजय यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. बिनय कुमार उपाध्याय, डॉ. आसिफ अली, डॉ. प्रीति कुमारी, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. आसिफ और डॉ. मोनू कुमार शामिल थे।

लगभग एक घंटे तक चली इस वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों और समस्याओं को तथ्यों व तर्कों के साथ मजबूती से रखा। वार्ता के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आगामी कैबिनेट बैठक के बाद वे स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर आंदोलनकारियों की मांगों और पूरी स्थिति से उन्हें अवगत कराएंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भी मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखने का सुझाव दिया।

‘मांगों पर ठोस निर्णय तक संघर्ष रहेगा जारी’

प्रतिनिधिमंडल और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद आंदोलनकारियों और सरकार के बीच संवाद का रास्ता खुल गया है। हालांकि, शोधार्थियों ने साफ किया है कि जब तक मांगों पर ठोस और संतोषजनक निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में आंदोलनकारियों द्वारा पूर्व घोषित 16 अगस्त के ‘लोकभवन घेराव’ की तैयारियां भी समानांतर रूप से चल रही हैं।

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