Monday, April 6, 2026
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पटना जिलाधिकारी की बड़ी पहल: 15 जून तक ‘अग्नि प्रवण काल’ घोषित, 14 अप्रैल से शुरू होगा विशेष सुरक्षा सप्ताह

पटना: बढ़ती गर्मी और पछुआ हवाओं के बीच अगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने समाहरणालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में 15 मार्च से 15 जून तक की अवधि को ‘अग्नि प्रवण काल’ घोषित करते हुए अधिकारियों को 24×7 अलर्ट रहने का निर्देश दिया है।

​बैठक के मुख्य बिंदु और प्रशासन की तैयारियां निम्नलिखित हैं:

1. ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ का आयोजन

​सरकार के निर्देशानुसार, पूरे पटना जिले में 14 से 20 अप्रैल, 2026 तक ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ मनाया जाएगा। इस दौरान गांव-गांव और शहरों में ओरिएंटेशन कार्यक्रम चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।

2. पटना की फायर-फाइटिंग क्षमता

​जिले में आग से निपटने के लिए संसाधनों का बड़ा बेड़ा तैयार है:

कुल गाड़ियाँ: 88 (जिसमें 12,000 लीटर क्षमता के 3 वाटर वाउजर शामिल हैं)।

विशेष तकनीक: 39 गाड़ियाँ पानी और फोम के मिश्रण वाली तकनीक पर आधारित हैं।

त्वरित सेवा: तंग गलियों के लिए 12 ‘बुलेट बाइक’ अग्निशमन वाहन सक्रिय हैं।

फायर स्टेशन: जिले में कुल 9 स्टेशन (6 शहरी और 3 ग्रामीण) कार्यरत हैं।

रिस्पॉन्स टाइम: जिलाधिकारी ने संतोष जताया कि वर्तमान में रिस्पॉन्स टाइम मात्र 2 मिनट है।

3. बिजली और पानी के स्रोतों पर निर्देश
ऊंचाई का मानक: विद्युत अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि बिजली के तार कम से कम 12 फीट से ऊंचे रखें, ताकि फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ बिना बाधा के गुजर सकें।
जल स्रोत: सभी सरकारी और निजी हाइड्रेंट एवं जल स्रोतों को हर समय क्रियाशील रखने का आदेश दिया गया है।


जिलाधिकारी की विशेष एडवाइजरी: ‘क्या करें, क्या न करें’
रसोई गैस (LPG) सुरक्षा:

करें: खाना बनाने के बाद रेगुलेटर और स्टोव दोनों बंद करें। रसोई में हमेशा भीगा सूती कपड़ा और एक बाल्टी पानी तैयार रखें।

न करें: गैस की गंध आने पर बिजली का स्विच न छुएं। खाना बनाते समय ढीले कपड़े न पहनें।

ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र:
सावधानी: खलिहानों में अनाज के बोझे को थ्रेशर या ट्रैक्टर के धुएं वाली पाइप की दिशा में न रखें।

निवारण: दोपहर की तेज हवा चलने से पहले ही खाना बना लें और चूल्हे की आग को पानी से पूरी तरह बुझा दें।

4. आपदा राहत और अनुदान
अगलगी की स्थिति में पीड़ितों को 24 घंटे के भीतर पॉलिथीन शीट, नकद अनुदान, बर्तन और वस्त्र के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। गंभीर घटनाओं में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) खुद मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी करेंगे।

आपातकालीन संपर्क नंबर (24×7 सक्रिय)
किसी भी अनहोनी की स्थिति में नागरिक इन नंबरों पर तुरंत सूचना दे सकते हैं:

आपातकालीन नंबर: 101 / 112
जिला अग्नि नियंत्रण कक्ष: 7485805821
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र: 0612-2210118
राज्य नियंत्रण कक्ष: 0612-2229998, 7485805818

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