बिहारशरीफ: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और बिहार एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने सोमवार तड़के नालंदा जिले में एक साथ कई ठिकानों पर धावा बोलकर हथियार तस्करों के नेटवर्क को हिला कर रख दिया है। सुरक्षा एजेंसियों की यह संयुक्त कार्रवाई बिहारशरीफ के लहेरी थाना क्षेत्र सहित जिले के 10 अलग-अलग स्थानों पर जारी है।
प्रमुख घटनाक्रम: एक नजर में
समय: सोमवार सुबह 4:30 बजे से छापेमारी शुरू हुई।
स्थान: लहेरी मोहल्ला (बिहारशरीफ), हिलसा और चिकसौरा थाना क्षेत्र।
लक्ष्य: अवैध हथियार तस्करी का बड़ा सिंडिकेट और स्टॉक में हेराफेरी।
बल: लगभग 100 से अधिक पुलिस और केंद्रीय जांच अधिकारी शामिल।
गन हाउस और ज्वेलरी दुकानों पर दबिश
जांच का मुख्य केंद्र लहेरी थाना क्षेत्र स्थित ‘पीके गन हाउस’ बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, टीम दुकान के अंदर रखे गए हथियारों के सीरियल नंबर और स्टॉक रजिस्टर का गहनता से मिलान कर रही है। शक है कि वैध लाइसेंस की आड़ में अवैध हथियारों की तस्करी या रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जा रही थी। इसके अलावा, लहेरी मोहल्ले में ही एक नामचीन ज्वेलरी दुकान पर भी छापेमारी की गई है, जहाँ से वित्तीय लेन-देन के तार तस्करी से जुड़े होने की आशंका है।
गोपनीयता का रखा गया विशेष ध्यान
इस ऑपरेशन को इतना गुप्त रखा गया था कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी भनक तब लगी जब टीमें मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा कारणों से जिला पुलिस को अंतिम समय पर केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सूचित किया गया।
किन जगहों पर हो रही है कार्रवाई?
बिहारशरीफ: रामप्रवेश कुमार का ‘पीके गन हाउस’ (लहेरी थाना)।
हिलसा: राममूर्ति नगर स्थित संदिग्ध ठिकाने।
चिकसौरा: मिर्जापुर गांव में छापेमारी।
हड़कंप का माहौल
अलसुबह हुई इस बड़ी कार्रवाई से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। सूत्रों की मानें तो यह छापेमारी हाल के दिनों में पकड़े गए कुछ बड़े हथियार तस्करों से मिली लीड के आधार पर की जा रही है। टीम कुछ संदिग्ध दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों को भी जब्त कर रही है, जिससे राज्यव्यापी हथियार तस्करी के नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
अभी तक किसी भी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच टीम की सक्रियता को देखते हुए बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
