पटना/जमुई/नवादा | 18 मार्च, 2026
बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए दो बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान जमुई और नवादा पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने जमुई में 6,000 करोड़ रुपये की लागत से स्टील प्लांट और नवादा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plant) स्थापित करने की सरकार की कार्ययोजना को सार्वजनिक किया।
जमुई: नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब औद्योगिक हब बनने की बारी
जमुई के लछुआर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि जिस क्षेत्र की पहचान कभी नक्सलवाद से होती थी, अब वह विकास और पर्यटन के केंद्र के रूप में उभर रहा है।
बड़ा निवेश: 6,000 करोड़ की लागत से स्टील प्लांट और इथेनॉल प्लांट की स्थापना से स्थानीय स्तर पर हजारों रोजगार पैदा होंगे।
इको-टूरिज्म: भीमबांध और कुंड घाट को अंतरराष्ट्रीय स्तर के इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचा: कुंड घाट जलाशय का उद्घाटन और बरनार जलाशय का विकास क्षेत्र की सिंचाई और पर्यटन तस्वीर बदल देगा।
नवादा: परमाणु ऊर्जा और सस्ती बिजली का नया केंद्र
नवादा के आईटीआई मैदान में उपमुख्यमंत्री ने जिले के भविष्य को लेकर बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने बताया कि नवादा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे न केवल बिहार को सस्ती बिजली मिलेगी बल्कि बड़े पैमाने पर तकनीकी रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके अलावा, नवादा में मेडिकल कॉलेज का निर्माण और गंगा जलापूर्ति योजना से पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया गया है।
विकास के आंकड़े: 2005 बनाम 2026
उपमुख्यमंत्री ने राज्य के विकास की तुलना करते हुए कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए:
बजट: बिहार का बजट 23 हजार करोड़ से बढ़कर अब 3.5 लाख करोड़ रुपये का हो गया है।
सड़कें: 2005 से पहले मात्र 6 हजार किमी सड़कें थीं, जो अब 1 लाख 40 हजार किमी हो चुकी हैं।
बिजली: बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 17 लाख से बढ़कर 2.16 करोड़ हो गई है। 125 यूनिट मुफ्त बिजली के कारण 88% परिवारों का बिल शून्य आ रहा है।
रोजगार और महिला सशक्तिकरण
सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ नौकरियां और रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत 1.81 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है, और आज ‘जीविका’ दीदियां राज्य की अर्थव्यवस्था में 1.26 लाख करोड़ रुपये का योगदान दे रही हैं।
”हमारा लक्ष्य बिहार से पलायन को पूरी तरह समाप्त करना है। हर जिले में उद्योग लगाकर हम युवाओं को उनके घर के पास ही काम देंगे।” — सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री
