बिष्णु नारायण चौबे
खुसरूपुर (पटना)। बिहार में अपराधियों के हौसले और पुलिस से बचने के उनके अजीबोगरीब तरीके अक्सर चर्चा में रहते हैं। ताजा मामला खुसरूपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ पुलिस छापेमारी के दौरान खुद को ‘डॉन’ कहलाने वाला पैक्स अध्यक्ष सह प्रमुख पति संतोष यादव उर्फ संतोष डॉन साड़ी पहनकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से उसके दो निजी अंगरक्षकों को दो रायफल के साथ हिरासत में लिया है।
गुप्त सूचना पर हुई थी घेराबंदी
खुसरूपुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी और कथित भू-माफिया संतोष डॉन अपने पचरुखिया स्थित आवास पर भारी संख्या में अपराधकर्मियों के साथ मौजूद है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और अचानक संतोष डॉन के ठिकाने पर दबिश दी गई।
साड़ी पहनकर पुलिस को दिया चकमा
जैसे ही पुलिस टीम ने घर को चारों तरफ से घेरा, खुद को घिरता देख संतोष डॉन ने बचने के लिए बेहद चौंकाने वाला तरीका अपनाया। वह घर की महिलाओं के बीच छिपकर और साड़ी पहनकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकते हुए भाग निकलने में सफल रहा। पुलिस जब तक कुछ समझ पाती, तब तक वह चंपत हो चुका था।
करोड़ों की रंगदारी और जमीन कब्जे का है आरोप
थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने बताया कि संतोष डॉन का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है:
- संगीन मामले: विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं।
- भू-माफिया: फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन कब्जाने और बिल्डरों से करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलने का मुख्य आरोपी है।
- बरामदगी: मौके से हिरासत में लिए गए दो अंगरक्षकों से पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है और उनके हथियारों के लाइसेंस की जांच की जा रही है।
प्रशासन का कड़ा रुख
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट लहजे में कहा कि सरकार की अपराध विरोधी नीतियों के तहत किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। “ऐसे लोगों का अब कानून से बचना संभव नहीं है। संतोष डॉन की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।”
