पटना: पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों (Gulf Countries) में लगातार गहराते युद्ध के संकट को देखते हुए बिहार सरकार ने वहां रह रहे लाखों प्रवासी बिहारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, ताकि संकट की इस घड़ी में किसी भी प्रवासी या उनके परिजनों को असहाय महसूस न करना पड़े।
संकट में अपनों का सहारा: हेल्पलाइन 721 778 8114
युद्ध जैसी स्थितियों में संचार और सहायता सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने 721 778 8114 नंबर सार्वजनिक किया है।
इस हेल्पलाइन की मुख्य विशेषताएं:
- सीधा संपर्क: प्रवासी बिहारी और बिहार में रह रहे उनके परिजन इस नंबर पर सीधे कॉल कर सकते हैं।
- समस्या का समाधान: किसी भी प्रकार की आपातकालीन जानकारी, कानूनी सहायता या कार्यस्थल पर आ रही समस्याओं के समाधान के लिए इस पर संपर्क किया जा सकता है।
- सरकारी समन्वय: विभाग इस हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं को विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों के साथ साझा कर त्वरित राहत पहुंचाने का प्रयास करेगा।
प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
बिहार के लाखों श्रमिक सऊदी अरब, कुवैत, कतर और यूएई जैसे देशों में कार्यरत हैं। युद्ध के कारण वहां बन रहे अस्थिर माहौल ने बिहार में रह रहे परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य न केवल सहायता प्रदान करना है, बल्कि प्रवासियों के मन में यह विश्वास जगाना है कि उनकी राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
विभाग की अपील: “सभी प्रवासी भाई और उनके परिजन इस नंबर को नोट कर लें। किसी भी संकट की स्थिति में घबराएं नहीं, तुरंत इस नंबर पर सूचित करें ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।”
