पटना, 20 फरवरी 2026: बिहार के राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री सह उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी अंचल कार्यालयों में अत्याधुनिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
विभाग ने इसके लिए विस्तृत तकनीकी गाइडलाइन जारी कर दी है, जिससे अब अंचल कार्यालयों की हर गतिविधि पर मुख्यालय से सीधी नजर रखी जा सकेगी।
पारदर्शिता से समझौता नहीं: डिप्टी सीएम की दो टूकउपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कहा है कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता सर्वोपरि है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
अंचल कार्यालयों में आने वाले आम लोगों के लिए बैठने, पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
सिस्टम की खासियत: सिर्फ वीडियो नहीं, ऑडियो भी होगा रिकॉर्ड: नए निर्देशों के अनुसार, अंचल कार्यालयों में लगने वाले कैमरे सामान्य नहीं होंगे। इनकी तकनीकी विशेषताएं इस प्रकार हैं:
* 2MP कलर और ऑडियो सपोर्ट: कैमरों में उच्च गुणवत्ता वाले कलर विजन के साथ-साथ बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए ऑडियो सुविधा भी होगी।
* 30 दिनों का बैकअप: प्रत्येक कार्यालय में 16 चैनल का NVR और 6TB की हार्ड डिस्क लगाई जाएगी, जिससे कम से कम एक महीने की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहेगी।
* मुख्य कवरेज एरिया: अंचल अधिकारी (CO) का कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और कार्यालय का मुख्य द्वार अनिवार्य रूप से कैमरे की जद में रहेगा।
रिमोट मॉनिटरिंग: मोबाइल पर दिखेगा लाइव फुटेजडिजिटल सुदृढ़ीकरण की दिशा में इन कैमरों को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN) या हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा।
अब पटना स्थित सेंट्रल कमांड सेंटर से किसी भी अंचल की लाइव निगरानी संभव होगी। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी (DM), अपर समाहर्ता (ADM) और एसडीओ (SDO) अपने मोबाइल ऐप के जरिए कभी भी कार्यालय की गतिविधियों को देख सकेंगे।
बजट और समय सीमा: विभागीय प्रधान सचिव श्री सी.के. अनिल ने इस योजना को अमली जामा पहनाते हुए प्रदेश के सभी 534 अंचलों के लिए 6.71 करोड़ रुपये की राशि जिलों को आवंटित कर दी है।
* प्रति अंचल खर्च: लगभग 1.25 लाख रुपये।
* वारंटी: सभी उपकरणों पर न्यूनतम दो वर्ष की वारंटी और सर्विस अनिवार्य की गई है।
* डेडलाइन: आवंटित राशि का उपयोग इसी वित्तीय वर्ष में करना अनिवार्य है।
भ्रष्टाचार पर प्रहार: विशेषज्ञों का मानना है कि अंचल कार्यालयों में ऑडियो-वीडियो कैमरों के लगने से बिचौलियों के प्रभाव और कार्य में होने वाली अनावश्यक देरी पर प्रभावी रोक लगेगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवंटित राशि का उपयोग केवल सीसीटीवी अधिष्ठापन के लिए ही होगा और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
