पटना | 26 मार्च, 2026
बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंचलाधिकारियों (CO) और राजस्व अधिकारियों की जारी हड़ताल के बीच नीतीश सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता के कार्यों में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार अब रिक्त पड़े अंचलों के संचालन के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों को अनुबंध (Contract) पर नियुक्त करने जा रही है।
खाली नहीं रहेगा कोई अंचल, अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था
गुरुवार को पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य का कोई भी अंचल अब बिना अधिकारी के नहीं रहेगा। सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत वर्तमान में कार्यरत 273 अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि 25 मार्च की समयसीमा के भीतर जो अधिकारी काम पर लौटे हैं, उन्हें सदर अंचलों जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।
हड़ताल के बावजूद राजस्व कार्यों में तेजी
मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि अधिकारियों के सामूहिक अवकाश पर होने के बावजूद विभाग के कार्यों की रफ्तार थमी नहीं है। 9 मार्च से अब तक किए गए प्रमुख कार्यों का विवरण इस प्रकार है:
दाखिल-खारिज: 12,163 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा।
परिमार्जन प्लस: 38,672 जमाबंदियों में सुधार और 16,777 नई जमाबंदियों को ऑनलाइन किया गया।
ई-मापी: 4,431 आवेदनों का निष्पादन।
अनुशासनहीनता पर कड़े प्रहार की चेतावनी
उपमुख्यमंत्री ने उन अधिकारियों को अंतिम चेतावनी दी है जो अभी भी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा,
“सरकार अनुशासनहीनता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। जो अधिकारी काम पर नहीं लौटे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
राजस्व महा-अभियान के तहत लंबित 46 लाख आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए ही सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है, जिन्हें निर्धारित मानदेय दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य राज्य में एक पारदर्शी और जवाबदेह राजस्व प्रशासन कायम करना है।
