पटना | 13 मार्च, 2026
पटना नगर निगम ने संपत्ति कर (Property Tax) के बड़े बकायेदारों के खिलाफ अब तक का सबसे आक्रामक अभियान छेड़ दिया है। नगर निगम द्वारा गठित 6 सदस्यीय ‘धावा दल’ (Special Recovery Team) ने शहर के विभिन्न वार्डों में दस्तक देते हुए महज 24 घंटे के भीतर लगभग 1 करोड़ रुपये की वसूली की है।
यह कार्रवाई उन बकायेदारों पर की जा रही है, जिन पर 50,000 रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है।
कुर्की-जब्ती और बैंक खाता फ्रीज करने की तैयारी
नगर निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कर का भुगतान नहीं किया गया, तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत: बकायेदारों की संपत्ति की कुर्की-जब्ती की जाएगी।
संबंधित व्यक्तियों या संस्थानों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए जाएंगे।
बड़े बकायेदारों के घरों और प्रतिष्ठानों पर “बकाया संपत्ति कर = कुर्की/जब्ती” के नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं।
डिफॉल्टर संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी जाएगी।
”ना बिजली-ना पानी”: राजस्व वसूली के लिए कड़े निर्देश
नगर आयुक्त ने राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिया है कि बड़े बकायेदारों से वसूली की प्रक्रिया को और तेज किया जाए। निगम का नारा साफ है— “ना बिजली, ना पानी”, यानी कर जमा न करने वालों की बुनियादी सुविधाएं भी काटी जा सकती हैं। सभी बड़े बकायेदारों को SMS के माध्यम से अंतिम चेतावनी भेजी जा चुकी है।
सुनहरा मौका: 31 मार्च तक 100% ब्याज माफी (OTS योजना)
नगर आयुक्त ने शहरवासियों से अपील की है कि वे वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना का लाभ उठाएं।
खास बात: यदि आप 31 मार्च 2026 तक अपना बकाया टैक्स जमा करते हैं, तो आपको ब्याज और पेनल्टी पर 100% की छूट मिलेगी। यानी आपको केवल मूल राशि (Principal Amount) ही जमा करनी होगी।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत समय पर कर भुगतान करना अनिवार्य है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
