पटना, 11 सितंबर 2026। पटना नगर निगम ने राजस्व संवर्धन की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर के पहले सप्ताह तक निगम ने 4,771 नई संपत्तियों को कर के दायरे में शामिल किया है।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर निगम मिशन मोड में राजस्व बढ़ाने पर काम कर रहा है, ताकि सरकार पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं दी जा सकें।
इन सभी संपत्तियों का स्व-कर निर्धारण उनके मालिकों ने खुद आगे आकर कराया है। खास बात यह है कि इसमें से 67.13 प्रतिशत संपत्ति धारकों ने ऑन द स्पॉट ही कर का भुगतान कर दिया, जो लोगों में कर को लेकर बढ़ती जागरूकता को दिखाता है।
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पाटलिपुत्र में सबसे ज्यादा नई संपत्तियां
अंचलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा नई संपत्तियां पाटलिपुत्र अंचल में जुड़ी हैं।
• पाटलिपुत्र अंचल – 1,196
• नूतन राजधानी अंचल – 1,012
• कंकड़बाग अंचल – 803
• अजीमाबाद अंचल – 796
• बांकीपुर अंचल – 495
• पटना सिटी अंचल – 469
इनमें से 3,306 लोगों ने निगम काउंटर पर जाकर और 1,465 लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से स्व-कर निर्धारण कराया है।
4,911 संपत्तियों का पुनः कर निर्धारण
निगम ने सिर्फ नई संपत्तियों को ही नहीं, बल्कि पुरानी संपत्तियों के रिकॉर्ड को अपडेट करने पर भी जोर दिया है। इस दौरान 4,911 ऐसी संपत्तियों का पुनः कर निर्धारण किया गया है, जिनके क्षेत्रफल या स्वरूप में विस्तार हुआ था।
वहीं फील्ड सर्वे के दौरान 137 ऐसी संपत्तियां मिलीं जिनका वास्तविक विवरण कर रिकॉर्ड से अलग था। निगम ने इनका पुनर्मूल्यांकन कर 100 प्रतिशत पेनाल्टी लगाई है।
तीन स्तरीय विशेष अभियान शुरू
राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए शुक्रवार से पटना नगर निगम ने तीन स्तरीय विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत –
1. कर दायरे से बाहर की नई संपत्तियों की पहचान और कर निर्धारण
2. पुरानी संपत्तियों का अद्यतन और पुनः कर निर्धारण 3. बकायेदारों से लंबित कर की वसूली
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निगम द्वारा नागरिकों को जागरूक करने के लिए रोजाना SMS, डोर-टू-डोर अभियान और कंट्रोल रूम से कॉल कर प्रेरित किया जा रहा है।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि निगम का लक्ष्य सिर्फ कर वसूली नहीं, बल्कि कर व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, ताकि अपने राजस्व से ही शहर में विकास कार्यों को गति दी जा सके।
