बिहार में गंगा और पुनपुन समेत 9 तक 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के 13 तटीय जिलों में प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को मैदान में उतरकर राहत व बचाव कार्यों की निगरानी करने का सख्त निर्देश दिया है।
13 जिलों में सरकार अलर्ट, उप-मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वे
बिहार सरकार ने बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जैसे प्रभावित जिलों में प्रभारी मंत्रियों व सचिवों को खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने को कहा है। इधर, उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के साथ बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।

सड़कों पर पानी और जनजीवन अस्त-व्यस्त
पटना: दीघा, गांधी घाट और हाथीदह में गंगा का जलस्तर लाल निशान से ऊपर बना हुआ है। पटना सिटी में भारी बारिश से कमर तक पानी भर गया है, वहीं पटेल चौक से एयरपोर्ट मार्ग पर भी जलजमाव है।
मुंगेर व खगड़िया: मुंगेर के लाल दरवाजा इलाके में सड़कों पर 3 से 4 फीट पानी बह रहा है। खगड़िया के परबत्ता में लोग मवेशियों को कंधे पर लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
छपरा: NH-19 पर बाढ़ का पानी चढ़ने से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
रेलवे यातायात चरमराया: 4 ट्रेनें रद्द, कई के बदले गए रूट
बाढ़ और बारिश का सबसे बड़ा असर पटना-गया रेल खंड पर पड़ा है। जट डुमरी के पास पुनपुन नदी का पानी पुल संख्या 21 तक पहुंचने के कारण सुरक्षा के लिहाज से डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है।
रद्द मेमू (MEMU) ट्रेनें: 63242 (गया-पटना), 63244 (गया-पटना), 63245 (पटना-गया) और 63247 (पटना-गया) को रद्द कर दिया गया है।
रूट डायवर्जन: गंगा दामोदर एक्सप्रेस (13330/13329) को फतुहा-इस्लामपुर-तिलैया के रास्ते और बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस (15138/15137) को आरा-बक्सर के रास्ते चलाया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पटरियों की सुरक्षा जांच पूरी होने और पुनपुन नदी का जलस्तर घटने के बाद ही इस रेल मार्ग पर सामान्य आवाजाही बहाल की जाएगी।
