पटना। मानसून के मौसम में राजधानी पटना के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से उपजी स्थिति और चरमराती सफाई व्यवस्था पर पटना नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। शहरवासियों को कचरे और गंदगी के संकट से बचाने तथा प्रशासनिक व्यवस्था बहाल करने के लिए नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बहुस्तरीय सख्त कार्रवाई शुरू की है।
हड़ताल के दौरान काम में लापरवाही बरतने और पर्याप्त मानवबल व चालक न उपलब्ध कराने के आरोप में नगर निगम ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर ₹22.65 करोड़ की भारी-भरकम पेनाल्टी लगाई है। इसके साथ ही मौर्य लोक परिसर में अनधिकृत धरने को देखते हुए जिला प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है।
आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर गिरी गाज, ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी
निगम द्वारा पूर्व में ही सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियों को हड़ताल से दूर रहने और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पर्याप्त सफाई कर्मी व चालक तैनात करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद 30 और 31 जुलाई को जांच के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति अत्यंत कम पाई गई।
इसे अनुबंध की शर्तों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए दो दिनों के भीतर विभिन्न एजेंसियों पर कुल ₹22,65,15,500 का आर्थिक दंड लगाया गया है:
जुर्माना विवरण (30 और 31 जुलाई 2026)

नगर निगम ने सभी संबंधित एजेंसियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर अनुबंध रद्द करने तथा एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट (काली सूची में दर्ज) करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर आगे भी गैरहाजिरी पाई गई तो प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा।
आकस्मिक व्यवस्था:
प्रति वार्ड ₹10 हजार आवंटित, 20 अतिरिक्त कर्मी होंगे तैनात
शहर की सफाई व्यवस्था को निर्बाध रखने के लिए निगम मुख्यालय ने आपातकालीन कदम उठाए हैं:
आकस्मिक कोष जारी:
आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक वार्ड को ₹10,000 की राशि जारी की गई है (कुल लगभग ₹7.5 लाख का आवंटन)।
अतिरिक्त मानवबल:
सभी सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार प्रति वार्ड कम से कम 20 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की सेवा लें।
वाहन किराया व्यवस्था:
कचरा उठाव के लिए आवश्यकता पड़ने पर चालक सहित जेसीबी, हाइवा, ट्रैक्टर और डंपर जैसे वाहन किराये पर लेने की छूट दी गई है।
मौर्य लोक परिसर में धारा 163 (BNSS) लागू
राज्य सरकार द्वारा धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग को अधिकृत स्थल घोषित किया गया है। इसके बावजूद हड़ताली कर्मचारी पिछले तीन दिनों से मौर्य लोक परिसर में धरना दे रहे थे, जिससे व्यावसायिक गतिविधियां और आम नागरिकों की आवाजाही बाधित हो रही थी।
शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी (पटना सदर) द्वारा मौर्य लोक परिसर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
असामाजिक तत्वों पर नकेल, भारी पुलिस सुरक्षा में होगी सफाई
हड़ताल के दौरान नूतन राजधानी अंचल में कार्यरत सफाई कर्मियों पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमला करने, गाड़ियों के टायर पंचर करने और कर्मचारियों को डराने-धमकाने की शिकायतें आई हैं।
इन घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी अंचलों में सुबह और शाम की पालियों में 100-100 पुलिस बल तैनात किए हैं। दिन और रात दोनों समय पर्याप्त सुरक्षा घेरे के बीच सफाई कार्य कराया जाएगा।
दूसरे दिन भी वार्ता से पीछे हटी कर्मचारी समन्वय समिति
नगर निगम ने संवाद के जरिए समाधान निकालने के लिए लगातार दूसरे दिन ‘पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति’ को 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के लिए आमंत्रित किया, लेकिन समिति का कोई प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुआ।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि 21 जुलाई को हुई बैठक में निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी मांगों का निराकरण कर दिया गया था। अन्य मांगों को सक्षम प्राधिकार के समक्ष भेजने का आश्वासन भी दिया गया था।
नगर आयुक्त की काम पर लौटने की अपील
नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा ने सभी सफाई कर्मियों से जनहित और शहर की स्वच्छता को सर्वोपरि रखते हुए तुरंत काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कर्मचारियों से किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक प्रचार पर ध्यान न देने का आग्रह किया है।
साथ ही निगम ने जानकारी दी कि अगस्त 2026 से प्रभावी वेतनवृद्धि का एरियर सहित भुगतान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
