पटना (15 जुलाई 2026):
राजधानी पटना में पर्यावरण संरक्षण और भूजल स्तर को सुधारने की दिशा में पटना नगर निगम की एक बेहद प्रभावी और आकर्षक पहल रंग ला रही है। अपने घरों, प्लॉटों या व्यावसायिक परिसरों में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) प्रणाली स्थापित करने वाले पटना के 360 से अधिक सजग संपत्तिधारकों को नगर निगम ने संपत्तिकर (Property Tax) में 5 प्रतिशत की बड़ी छूट प्रदान की है। पिछले चार महीनों के भीतर ही नगर निगम द्वारा इन पर्यावरण-हितैषी नागरिकों को कुल 5.88 लाख रुपये से अधिक की टैक्स रिबेट दी जा चुकी है।
कानूनी प्रावधान और उद्देश्य:
बिहार नगर पालिका (संशोधन) अधिनियम, 2013 की धारा 158ए एवं बिहार नगरपालिका संपत्ति कर नियमावली, 2013 के नियम 11(3) के विशेष प्रावधानों के तहत यह रियायत दी जा रही है। नियमावली के अनुसार, जिस भी भवन या संपत्ति में वर्षा जल संचयन की सक्रिय तकनीक और संरचना स्थापित होगी, उसे कुल देय संपत्ति कर पर सीधे 5 फीसदी की छूट दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में तेजी से गिरते भूजल स्तर को थामना, वाटर रीचार्जिंग को बढ़ावा देना और आम नागरिकों को पर्यावरण-अनुकूल जल प्रबंधन प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
अंचलवार आंकड़े: पाटलिपुत्र अंचल रहा सबसे आगे
पटना नगर निगम द्वारा जारी किए गए पिछले चार महीनों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 366 संपत्तिधारकों ने इस प्रोत्साहन योजना का सीधा लाभ उठाया है। विभिन्न अंचलों में करदाताओं और लाभान्वितों की संख्या इस प्रकार रही:
- पाटलिपुत्र अंचल: लगभग 37 हजार लोगों ने टैक्स भरा, जिनमें सर्वाधिक 120 संपत्तिधारकों ने 5% छूट का लाभ लिया।
- पटना सिटी अंचल: लगभग 8 हजार लोगों ने टैक्स भरा, जिसमें 109 संपत्तिधारकों को यह छूट मिली।
- नूतन राजधानी अंचल: लगभग 25 हजार टैक्सपेयर्स में से 51 लोगों को लाभ मिला।
- कंकड़बाग अंचल: लगभग 23 हजार टैक्सपेयर्स में से 38 लोग लाभांवित हुए।
- अजीमाबाद अंचल: लगभग 17 हजार टैक्सपेयर्स में से 26 लोग इस योजना से जुड़े।
- बांकीपुर अंचल: लगभग 19 हजार टैक्सपेयर्स में से 22 लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया।
लाभ पाने के लिए क्या हैं नियम और कैसे होता है भौतिक सत्यापन?
इस 5% की रियायत को पारदर्शी बनाए रखने के लिए पटना नगर निगम की टीम द्वारा मौके पर जाकर कड़ा भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है। छूट का लाभ केवल उन्हीं को मिलता है जो इन 5 प्रमुख मानकों पर खरे उतरते हैं:
- वास्तविक स्थापना: क्या भवन या परिसर में वास्तव में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है?
- कार्यशीलता: क्या वह प्रणाली पूरी तरह से एक्टिव और वर्किंग कंडीशन में है?
- प्रवाह रूट: क्या छत पर गिरने वाला वर्षा जल सीधे उसी सिस्टम में प्रवाहित हो रहा है?
- संरचनात्मक उपलब्धता: क्या मौके पर रिचार्ज पिट, स्टोरेज पिट और फिल्टर चैंबर सही ढंग से बने हुए हैं?
- स्वामित्व: क्या संबंधित संपत्ति पर स्वामी के पास वैध भूमि स्वामित्व (जहां यह शर्त लागू हो) मौजूद है?
निगम की अपील: टैक्स भी बचाएं और पर्यावरण भी
पटना नगर निगम ने आम शहरवासियों, अपार्टमेंट सोसायटियों, कमर्शियल मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों से पुरजोर अपील की है कि वे अपने परिसरों में इस वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को जल्द से जल्द क्रियान्वित करें। इससे एक ओर जहां शहर का भूजल संवर्धन होगा और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, वहीं दूसरी ओर हर साल देय कुल होल्डिंग टैक्स में 5 फीसदी की नियमित बचत भी की जा सकेगी।
