पटना: बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) अब खुद चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज ने प्रशांत किशोर को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। रविवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कोर कमिटी के इस फैसले की औपचारिक घोषणा की।
मनोज भारती ने बताया कि पार्टी की कोर कमिटी की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर ही प्रत्याशी होंगे।
भाजपा को हराने के लिए जो करना पड़े करेंगे: प्रशांत किशोर
उम्मीदवार घोषित होने के बाद प्रशांत किशोर ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा, “मैं इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से स्वीकार करता हूँ। बांकीपुर के मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का लगातार यह दबाव था कि बिहार में बदलाव के लिए मुझे खुद चुनाव मैदान में उतरना चाहिए।” उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा को हराने के लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा, वह करेंगे। पीके ने यह भी दोहराया कि अगले 10 वर्षों तक जन सुराज के माध्यम से बिहार को बदलना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है।
सम्राट चौधरी पिछले दरवाजे से बने मुख्यमंत्री, यह चुनाव जनमत संग्रह: PK
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव को एनडीए सरकार के कामकाज पर एक ‘जनमत संग्रह’ करार दिया। उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी के चाल, चरित्र और चेहरे पर जनता का भरोसा नहीं है। वे जनता द्वारा चुनकर नहीं आए हैं, बल्कि उन्हें पिछले दरवाजे से मुख्यमंत्री बनाया गया है। जनता ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री चुना था।”
पीके ने आगे कहा कि 6 महीने से चल रही सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की नीतियों और चेहरे पर बांकीपुर की प्रबुद्ध जनता अपना फैसला सुनाएगी। उन्होंने कहा, “इस सीट से भले ही सरकार न बदले, लेकिन बिहार की राजनीति की दिशा और दशा जरूर बदल जाएगी।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई दिग्गज रहे मौजूद
इस बड़ी घोषणा के दौरान जन सुराज के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें रामबली चंद्रवंशी, किशोर कुमार मुन्ना, केसी सिन्हा, एमएलसी आफाक अहमद, कुमार सौरव, सुभाष कुशवाहा, सरवर अली, इंदू सिन्हा, ओबैदुर रहमान, जेपी सिंह और राकेश पटेल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
