Saturday, July 4, 2026
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पटना नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही और बदसलूकी पर 3 इंजीनियरों पर गिरी गाज, भेजे गए मूल विभाग

पटना, 3 जुलाई 2026। पटना नगर निगम ने शहर की जलापूर्ति योजनाओं में लापरवाही बरतने और अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। निगम प्रशासन ने जलापूर्ति प्रमंडल के तीन अभियंताओं (इंजीनियरों) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।

इनमें से दो सहायक अभियंताओं के खिलाफ प्रपत्र ‘क’ गठित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, वहीं एक कनीय अभियंता (जूनियर इंजीनियर) को उनके मूल विभाग वापस भेजने की सिफारिश की गई है। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

काम में ढिलाई और आदेशों की अनदेखी पर दो AE नपे

मुख्यालय स्तर पर जब जलापूर्ति प्रमंडल की विभिन्न परियोजनाओं और आम लोगों से जुड़ी शिकायतों के निष्पादन की समीक्षा की गई, तो कई गंभीर कमियां सामने आईं। समीक्षा में पाया गया कि शहर की कई जलापूर्ति योजनाओं की रफ्तार बेहद धीमी है। संबंधित इंजीनियर न तो काम में दिलचस्पी ले रहे थे और न ही सीनियर अफसरों के निर्देशों का पालन कर रहे थे।

इस मामले में जब सहायक अभियंता (सिविल) शशि भूषण और सहायक अभियंता (सिविल) सौरभ आनंद से शो-कॉज (स्पष्टीकरण) पूछा गया, तो उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला। जनता से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण योजना में ढिलाई बरतने के आरोप में नगर निगम ने दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग (बिहार सरकार) को प्रपत्र ‘क’ गठित करने का प्रस्ताव भेज दिया है।

कंट्रोल रूम कर्मी से अभद्र व्यवहार करने पर JE की छुट्टी

कार्रवाई के दायरे में आए तीसरे अधिकारी कनीय अभियंता (मैकेनिकल) श्री विनोद कुमार तिवारी हैं। रिपोर्टिंग कार्य के दौरान उन पर नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) के एक कर्मचारी के साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है।

पद का दुरुपयोग, घोर लापरवाही और इस तरह की अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए पटना नगर निगम ने उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से उनके पैतृक विभाग, पथ निर्माण विभाग (बिहार सरकार) को वापस करने की अनुशंसा की है।

“लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं”

पटना नगर निगम ने इस कार्रवाई के जरिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश दिया है। निगम प्रशासन का कहना है कि नागरिकों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता के काम में ढिलाई, सीनियर अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना या दफ्तर में स्वेच्छाचारिता करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का सख्त एक्शन लिया जाएगा।

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