पटना। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। माननीय राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर विभाग में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का एक विशेष सेल गठित किया गया है। अब EOU की एक विशेष टीम सीधे विभाग में तैनात रहकर भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच और कार्रवाई की कमान संभालेगी।
यह कड़ा निर्णय विभाग में लगातार मिल रही भ्रष्टाचार, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) में गड़बड़ी और राजस्व कार्यों में अनियमितता की शिकायतों के बाद लिया गया है।
इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
आर्थिक अपराध इकाई, बिहार (पटना) द्वारा जारी पत्र के अनुसार, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में विशेष टीम की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। इस विशेष सेल में राकेश कुमार (पुलिस उपाधीक्षक), हरि ओझा (पुलिस निरीक्षक), चर्तुवेदी सुधीर कुमार (पुलिस अवर निरीक्षक) को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है:
मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल का कड़ा संदेश: “नहीं सहेंगे अनियमितता”
मामले की जानकारी देते हुए माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचारमुक्त राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है।
”दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि मापी और भू-लगान जैसी ऑनलाइन सेवाओं में लगातार अनियमितता की शिकायतें आ रही थीं। इससे आम जनता को बेवजह परेशान होना पड़ रहा था। EOU के विशेष सेल के गठन से अब विभागीय कार्यों की निगरानी बेहद मजबूत होगी और भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी कर्मी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।”
— डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, मंत्री (राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग)
कैसे काम करेगा EOU का विशेष सेल?
त्वरित जांच: यह टीम विभाग में आने वाली भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेगी।
संवेदनशील मामलों की निगरानी: राजस्व प्रशासन से जुड़े संवेदनशील मामलों और फाइलों की सीधे निगरानी की जाएगी।
पारदर्शिता और समन्वय: टीम भ्रष्टाचार के मामलों में आवश्यक कानूनी जांच करने के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करेगी।
सरकार को उम्मीद है कि तकनीक आधारित इस नई निगरानी व्यवस्था से राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता आएगी, फाइलों का निपटारा समय सीमा के भीतर होगा और सरकारी प्रणालियों पर आम जनता का भरोसा बढ़ेगा।
