पटना | 8 मई 2026
बिहार के नवनियुक्त राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को अपना कार्यभार संभालते ही विभाग में नई ऊर्जा और कड़ाई के संकेत दे दिए हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के रुके हुए कार्यों को पूरा करना और विभाग में पारदर्शिता लाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
3 महीने का विशेष अभियान: पटरी पर लौटेगी व्यवस्था
मंत्री डॉ. जायसवाल ने स्वीकार किया कि पिछले तीन महीनों से चल रही हड़ताल के कारण अंचलों (ब्लॉक) में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद, उन्होंने घोषणा की है कि अगले तीन महीनों तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य लंबित पड़े म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), भूमि विवाद और अन्य महत्वपूर्ण फाइलों का त्वरित निष्पादन करना है।
भू-माफियाओं को अंतिम चेतावनी: “सुधर जाएं या बिहार छोड़ दें”
राज्य में बढ़ते भूमि विवादों और भू-माफियाओं के हस्तक्षेप पर कड़ा प्रहार करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति ‘न्याय के साथ विकास’ की है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के संदेश को दोहराते हुए चेतावनी दी कि “भू-माफिया या तो अपनी हरकतों से बाज आएं या फिर बिहार छोड़ने की तैयारी कर लें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभागीय अनुभव और विशेष सर्वे
अपने पुराने कार्यकाल को याद करते हुए डॉ. जायसवाल ने बताया कि उनके समय में ही 11 हजार कर्मियों की बहाली और विशेष सर्वेक्षण कार्य की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में सर्वे को लेकर जो भ्रम का माहौल था, उसे विभाग ने काफी हद तक दूर कर लिया है और अब यह कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्वागत
इससे पूर्व, विभागीय कार्यालय पहुँचने पर सचिव श्री जय सिंह, भू-अभिलेख निदेशक श्री सुहर्ष भगत, और भू-अर्जन निदेशक श्री कमलेश कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर माननीय मंत्री का स्वागत किया। कार्यभार संभालने के दौरान विभाग के सभी प्रमुख विंग के अपर सचिव और निदेशक उपस्थित रहे।
