पटना | 10 अप्रैल, 2026
पटना जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल शुरू की है। जिलाधिकारी डॉ. एस. एम. त्यागराजन की अध्यक्षता में आज समाहरणालय में “ज्ञान भारतम् मिशन” के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान डीएम ने बताया कि इस मिशन का मुख्य लक्ष्य जिले के विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, पुस्तकालयों और निजी व्यक्तियों के पास मौजूद हस्तलिखित पांडुलिपियों की पहचान करना और उन्हें आधुनिक तकनीक के जरिए सुरक्षित करना है।
पात्रता: कम से कम 75 वर्ष प्राचीन हाथ से लिखे गए ग्रंथ।
माध्यम: कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा या धातु पर लिखी गई रचनाएं।
महत्व: ऐसी पांडुलिपियां जिनका ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या धार्मिक महत्व हो।
अभियान के पहले चरण में व्यापक सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया गया है। चिह्नित की गई पांडुलिपियों का विवरण ‘ज्ञान भारतम् मिशन ऐप’ पर अपलोड किया जाएगा। इसके लिए एक जिला स्तरीय समिति का गठन कर दिया गया है, जिसमें शिक्षा विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग और कॉलेजों के इतिहास विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी ने कमिटी के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे संस्थानों और निजी संग्रहकर्ताओं से संपर्क कर सूचीकरण (Cataloging) और डिजिटाइजेशन के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व), जिला शिक्षा पदाधिकारी और विभिन्न कॉलेजों के विभागाध्यक्षों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
