Thursday, March 19, 2026
Homeबिहारहड़ताल के बीच सरकार का बड़ा एक्शन: 69वीं BPSC के 13 नए...

हड़ताल के बीच सरकार का बड़ा एक्शन: 69वीं BPSC के 13 नए राजस्व अधिकारियों को अंचलों की जिम्मेदारी


पटना, 16 मार्च 2026:
अंचल अधिकारियों की जारी हड़ताल के बीच बिहार सरकार ने राजस्व प्रशासन को पटरी पर बनाए रखने के लिए बड़ा और त्वरित फैसला लिया है।

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 69वीं बीपीएससी परीक्षा से चयनित 13 नवनियुक्त राजस्व अधिकारियों को विभिन्न अंचलों में पदस्थापित कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य साफ है—जनता से जुड़े जरूरी काम किसी भी हाल में बाधित न हों।

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन अधिकारियों को पे मैट्रिक्स लेवल-7 (₹44,900–₹1,42,400) में परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी के रूप में औपबंधिक नियुक्ति देते हुए तत्काल प्रभाव से अंचलों का प्रभार सौंपा गया है।

किन-किन अंचलों में हुई तैनाती
जारी आदेश के तहत अधिकारियों की तैनाती इस प्रकार की गई है:
शाएक इकबाल आरिफ – हिसुआ (नवादा)
कुमार शिवराज – पंडारक (पटना)
प्रणय प्रसून – दीदारगंज (पटना)
सैयद इफ्तेखार हैदर – घोसवरी (पटना)
गौरव सुमन – बाढ़ (पटना)
भवेश कुमार – अथमलगोला (पटना)
मोशाहिदुल हक – बेलछी (पटना)
अभिषेक कुमार दुबे – हाजीपुर सदर (वैशाली)
वंदन कुमार गुप्ता – संपतचक (पटना)
योगेश कुमार – फुलवारीशरीफ (पटना)
शिवम शर्मा – खुसरूपुर (पटना)
सना फरहीन – ईस्ट अलीगंज (जमुई)
किसलय राज – जमुई सदर (जमुई)

नियुक्ति से जुड़ी अहम शर्तें
नवनियुक्त अधिकारियों को योगदान के समय फोटोयुक्त नियुक्ति पत्र और सिविल सर्जन द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की मूल प्रति प्रस्तुत करनी होगी। उनकी नियुक्ति फिलहाल औपबंधिक है, जो पूर्ववृत्त सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद नियमित की जाएगी।

प्रशासनिक नजरिए से क्यों अहम है फैसला?
अंचल स्तर पर जमीन, दाखिल-खारिज, प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व से जुड़े कार्य सीधे आम जनता से जुड़े होते हैं। हड़ताल के कारण इन कार्यों में रुकावट आ रही थी। सरकार का यह कदम न केवल प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की कोशिश है, बल्कि जनता को राहत देने का भी प्रयास है।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि जनता के काम प्रभावित न हों। इसी को ध्यान में रखते हुए नए अधिकारियों को तुरंत जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस फैसले से उम्मीद है कि अंचल कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और राजस्व सेवाएं बिना रुकावट जारी रहेंगी। खासकर पटना जिले में बड़े पैमाने पर की गई तैनाती से स्थानीय प्रशासन को तत्काल राहत मिलने की संभावना है।

यह भी पढ़े

अन्य खबरे