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Saturday, October 10, 2026
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नार्थ कोयल’ और ‘मंडई वीयर’ परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, तय समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश

पटना, 23 फरवरी 2026।बिहार की दो अहम सिंचाई परियोजनाओं—नार्थ कोयल जलाशय परियोजना और मंडई वीयर परियोजना—की प्रगति की समीक्षा सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (मुख्य सचिव कोषांग) के तहत आयोजित बैठक में जल संसाधन विभाग ने दोनों परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी भीषण गर्मी और मॉनसून सत्र को देखते हुए इन परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लंबित कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं।नार्थ कोयल जलाशय परियोजना: 90% भूमि अधिग्रहण पूराबैठक में बताया गया कि नार्थ कोयल जलाशय परियोजना की कुल लंबाई 162 किलोमीटर है और यह औरंगाबाद व गया के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों जिलों में लगभग 90% भूमि अधिग्रहण कार्य पूरा हो चुका है।

मुख्य सचिव ने शेष भूमि अधिग्रहण कार्य को औरंगाबाद में 30 अप्रैल तक तथा गया में मई माह तक अनिवार्य रूप से पूरा करने का लक्ष्य तय किया।परियोजना से जुड़ी संस्था WAPCOS के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि मार्च के अंत तक 60% कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। हालांकि समीक्षा के दौरान पाया गया कि संवेदक एजेंसियों—MSR Construction और Niyati Construction—के अधीन पैकेज 8, 9, 10 और 11 में कार्य अपेक्षाकृत धीमा है।

इस पर मुख्य सचिव ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि मैनपावर और मशीनरी बढ़ाकर कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही मुख्यालय स्तर के वरीय अधिकारियों को नियमित स्थल निरीक्षण और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।

मंडई वीयर परियोजना: 73% भौतिक कार्य पूर्णफल्गु नदी पर बन रही मंडई वीयर परियोजना जहानाबाद, नालंदा और पटना जिले के प्रखंडों—मोदनगंज, एकंगरसराय और धनरूआ—को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी। समीक्षा में इसकी प्रगति संतोषजनक पाई गई। जहानाबाद के जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि अब तक 73% भौतिक कार्य पूरा हो चुका है।

परियोजना स्थल पर लेबर, भुगतान, मैनपावर या मशीनरी से संबंधित कोई समस्या नहीं है। रैयतों को मुआवजे का भुगतान भी सुचारू रूप से जारी है, जिससे निर्माण कार्य की गति बाधित नहीं हुई है।

उच्चस्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी: समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष मल्ल, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, वित्त विभाग के सचिव (संसाधन) जय सिंह सहित गया, औरंगाबाद व जहानाबाद के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अथवा व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। संबंधित संवेदक कंपनियों और WAPCOS के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार की इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के समयबद्ध पूर्ण होने से सूखाग्रस्त क्षेत्रों को राहत मिलने के साथ-साथ कृषि उत्पादन और सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

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