Monday, February 23, 2026
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नीट छात्रा मामला: मीडिया ट्रायल में पीड़िता के परिवार से बेशर्मी और संदिग्ध अस्पतालों से “कुटुमतारे”

पटना के चर्चित नीट छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद मौत मामले में सीबीआई द्वारा शुरू की गई जांच का समय 10 दिन बीत गया है और अभी तक कोई परिणाम या फिर गिरफ्तारी की कार्रवाई सीबीआई द्वारा नहीं की गई है।

लेकिन जब सीबीआई टीम पीड़िता के परिवार वालों से पूछताछ कर रही थी तो देश से निकलने वाले अनेक दैनिकों के साथ पटना संस्करण के अनेक स्वयंभू पत्रकार ने बेशर्मी की सभी हदें पार कर दी ।

लेकिन पिछले तीन दिनों से सीबीआई की जांच संबंधित हॉस्टल के साथ इस मामले में संदिग्ध अस्पताल से की जा रही है। लेकिन इस मामले में मीडिया ट्रायल मैं संबंधित मीडिया हाउस और तथाकथित स्वयंभू पत्रकार “कुटुमतारे” निभाते हुए साफ दिख रहे हैं।

ज्ञातव्य हो कि जब सीबीआई की टीम पीड़िता के परिवार से इस घटना के बारे में जानकारी ले रही थी, तो मीडिया ट्रायल में कभी पीड़िता के भाई को कथित तौर पर इस मामले में संदिग्ध होने का आरोप लगाकर गिरफ्तारी, तो कभी पीड़िता के मामा को ही संदिग्ध बता कर गिरफ्तार बता दिया है।

देश से निकलने वाले एक प्रमुख दैनिक के पटना संस्करण ने तो बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी। उनके द्वारा सीबीआई “सहमति से संबंध बने या फिर जबरन” इस एंगल से भी जांच कर रही है, जैसे हेडिंग के साथ समाचार चलाए।

अब सीबीआई संबंधित हॉस्टल और संदिग्ध अस्पतालों से पूछताछ कर रही है, तो इन सभी की करतूत साफ बता रही है, कि जैसे संदिग्ध अस्पताल और संबंधित हॉस्टल प्रबंधन उनके निजी रिश्तेदार है, कहीं कोई मीडिया ट्रायल नहीं, हर तरफ उनकी चुप्पी में “कुटुमतारे” दिख रहा है।

12 जनवरी से सीबीआई ने नीट छात्रा मामला अपने हाथ में लिया है और शुरुआत में ही 9 दिनों तक सीबीआई ने पीड़िता के परिवार के सदस्यों से इस घटना के बारे में पूरी जानकारी ली।

लेकिन मीडिया ट्रायल में बड़ी बेशर्मी से सीबीआई पूछताछ को संदिग्ध ढंग से परोसा गया। कभी पीड़िता के भाई के मोबाइल की जब्ती की सुर्खियां, तो कभी पीड़िता के भाई की गिरफ्तारी, तो कभी पीड़िता के मामा की गिरफ्तारी।

बेशर्मी की हद तो एक दैनिक ने कर दी जिसने पीड़िता के मां, पिता, भाई और मामा मामी से की गई पूछताछ की मनगढ़ंत स्क्रीनशॉट चला दिया। क्या-क्या सवाल सीबीआई ने इन लोगों से पूछा और इन लोगों ने क्या जवाब दियाजैसे वो वहां खुद मौजूद था।

और अब पिछले तीन दिन से सीबीआई की टीम संदिग्ध अस्पताल और संबंधित हॉस्टल संचालक से पूछताछ कर रही है, तो यह बेशर्मी भरे मीडिया ट्रायल चलाने वाले वे लोग अपने पिछवाड़े में पूंछ घुसाकर चुप बैठे हैं।

कहीं कोई चू चपड़ नहीं। हर तरफ मौत जैसा सन्नाटा। भयंकर सन्नाटा। कहीं सीबीआई उनकी सोच, उनके भविष्यवाणी, उनके मीडिया ट्रायल के विपरीत कोई कार्रवाई नहीं दिखा दें।

सीबीआई की जांच सही दिशा में दिख रही है उसने संबंधित हॉस्टल के साथ संदिग्ध अस्पताल में जाकर भी जांच की है और उसकी जांच जारी भी है। और जो जो दोषी है उन पर कार्रवाई की पूरी आशा आम लोगों को है।

दोषी कितना भीअपने आप को निडर और रसूखदार बताकर बचने की कोशिश करे। घुसेगा जरूर बम्बू । बकरे की अम्मा कब तक अपने पुत्तर की जान की खैर मनाते रहेगी?

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