Tuesday, February 24, 2026
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बिहार कैबिनेट की पहली बैठक: युवाओं के लिए बड़ा तोहफा, 25 चीनी मिलों की स्थापना पर जोर

!बिहार में एनडीए सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली बैठक में युवाओं को रोजगार देने और राज्य में औद्योगिक विस्तार को नई दिशा देने पर खास ध्यान दिया गया।

मंगलवार को आयोजित इस बैठक में 10 एजेंडों पर मुहर लगी, जिनमें सबसे प्रमुख है आगामी पाँच वर्षों (2025-2030) में 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य।🎯 मुख्य एजेंडा और निर्णय रोजगार का लक्ष्य: सरकार ने आगामी 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

पिछले 5 वर्षों (2020-2025) में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार दिया जा चुका है। टेक हब का विकास: बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक हब बनाने की योजना है। इसके तहत डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर निर्माण पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी एवं फिनटेक सिटी की स्थापना की जाएगी।

इसकी कार्य योजना तैयार करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक शीर्ष समिति का गठन किया गया है, जो छह महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। चीनी मिलों का उद्धार और स्थापना: राज्य में बंद पड़ी 9 चीनी मिलों का उद्धार किया जाएगा और इन 9 समेत 25 नई चीनी मिलें स्थापित की जाएंगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके लिए भी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।

ग्लोबल हब और ग्रीन टाउनशिप: बिहार को ‘ग्लोबल बैक-एंड हब’ और ‘ग्लोबल वर्कप्लेस’ के रूप में स्थापित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी। शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए नौ प्रमंडलीय शहरों के साथ-साथ सोनपुर और सीतामढ़ी में ग्रीन टाउनशिप विकसित किए जाएंगे।

बिहार एआई मिशन: ‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ की स्थापना की तैयारी है, जिसका उद्देश्य राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करना है, ताकि सामाजिक, आर्थिक और क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रेस वार्ता में बताया कि सरकार ने अपने घोषणा-पत्र के वादों को तेजी से जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। सरकार का दावा है कि उच्च गुणवत्ता की आधारभूत संरचना, औद्योगिक कॉरिडोर, बेहतर पावर सप्लाई, जल प्रबंधन और कुशल मानव संसाधन अब बिहार को निवेश के लिए एक उपयुक्त राज्य बनाते हैं।

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