पटना, 31 जुलाई 2025 – ऐतिहासिक गांधी मैदान में इस बार 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिकेय के. शर्मा ने गुरुवार को गांधी मैदान का संयुक्त निरीक्षण कर समस्त व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर एक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन भी किया गया, जिसमें सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कौन जीतेगा बिहार?/ वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार पांडे/ विस्तृत चर्चा/
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य राजकीय समारोह पूरी गरिमा और शान के साथ गांधी मैदान में आयोजित होगा। इसके लिए पूरे मैदान को चार जोन में विभाजित किया गया है, जहां वरीय अधिकारियों की निगरानी में टीमें लगातार सक्रिय हैं।
सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक निगरानी व्यवस्था
गांधी मैदान और उसके आसपास 128 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। साथ ही 18 वॉच टावर, अस्थायी थाना और नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए जाएंगे। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लगाए गए कैमरों की लाइव निगरानी आईसीसीसी (Integrated Command and Control Centre) से की जा रही है।
उत्कृष्ट विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था
मैदान एवं उसके चारों ओर 136 एलईडी मेटल लाइट्स, 229 पोल लाइट्स और 15 हाईमास्ट लाइट्स के माध्यम से रात के समय भी बेहतर रोशनी की व्यवस्था की गई है। बुडको, पटना नगर निगम और विद्युत कार्य प्रमंडल को इन लाइट्स के संचालन एवं रख-रखाव का जिम्मा सौंपा गया है।
समारोह की व्यवस्थाएँ:
बैरिकेडिंग, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, अग्निशमन, झांकियाँ, ध्वनि विस्तारक यंत्र, अतिथि आमंत्रण, और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग विभागों को ज़िम्मेदारियाँ दी गई हैं।
1 से 13 अगस्त तक परेड रिहर्सल चलेगा, जिसमें सभी टुकड़ियाँ समय से उपस्थित रहेंगी। रिहर्सल के दौरान पेयजल, चिकित्सा और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी।
विशेष निर्देश
सभी वाहनों की एंटी-सबोटाज तकनीकी जांच के बाद ही मैदान में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
अस्थायी चिकित्सा केंद्रों, एम्बुलेंस, और फायर ब्रिगेड की टीम हर समय अलर्ट मोड में रहेंगी।
शुद्ध पेयजल के लिए वाटर एटीएम और टैंकर लगाए जाएंगे।
भीड़ प्रबंधन और विधि-व्यवस्था प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, और यातायात की सुचारु व्यवस्था है। सभी पदाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहते हुए समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
