पटना | 05 मार्च 2026
भीषण गर्मी के दौरान बिजली के ओवरलोड और ट्रिपिंग की समस्या से निपटने के लिए बिहार की राजधानी पटना पूरी तरह तैयार है। पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अर्बन (PESU) इस साल चार नए पावर सब-स्टेशन (PSS) शुरू करने जा रहा है, जिससे शहर की 5 लाख से अधिक की आबादी को निर्बाध (Zero Power Cut) बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
इन इलाकों में बने नए पावर सब-स्टेशन
पेसू के जीएम दिलीप कुमार सिंह के अनुसार, शहर के बढ़ते विस्तार और बिजली की खपत को देखते हुए रणनीतिक रूप से इन केंद्रों का चयन किया गया है:
- पेसू पश्चिमी: आसोपुर, उसरी और बिहटा।
- पेसू पूर्वी: जगनपुरा (खेमनीचक इलाका)।
आसोपुर पीएसएस पूरी तरह बनकर तैयार है और इसे चालू कर दिया गया है। अन्य सब-स्टेशनों पर भी काम तेजी से चल रहा है ताकि गर्मी के पीक सीजन से पहले इन्हें ग्रिड से जोड़ दिया जाए।
तकनीकी मजबूती: 10 MVA के लगेंगे ट्रांसफॉर्मर
हर नए पावर सब-स्टेशन की क्षमता को मजबूत रखने के लिए वहां 10-10 MVA के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जा रहे हैं। आसोपुर में ट्रांसफॉर्मर इंस्टॉल कर चार्जिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इन नए केंद्रों के चालू होने से मौजूदा सब-स्टेशनों पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार कम होगा, जिससे तार जलने या लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।
1400 मेगावाट तक जा सकती है खपत
आंकड़ों पर गौर करें तो पटना में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है:
- बीते 2 वर्ष: गर्मियों में रोजाना खपत 1000 मेगावाट को पार कर गई थी।
- इस साल का अनुमान: पेसू को उम्मीद है कि इस बार मांग 1200 से 1400 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
- राज्य की स्थिति: पूरे बिहार में गर्मियों के दौरान बिजली की कुल मांग 10,000 मेगावाट के करीब पहुंच गई है, जिसे नॉर्थ और साउथ बिहार पावर होल्डिंग कंपनियां बखूबी मैनेज कर रही हैं।
वर्तमान में पटना शहर में 75 से अधिक पावर सब-स्टेशन कार्य कर रहे हैं। नए सब-स्टेशनों के जुड़ने से पटना का इलेक्ट्रिकल नेटवर्क और अधिक विश्वसनीय हो जाएगा।
