पटना, 29 अगस्त 2025
बिहार की लोक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक छठ महापर्व अब पटना के दीघा घाट पर एक नए रूप में नजर आएगा। बुडको (BUDCO) द्वारा यहाँ वेस्ट टू वंडर की तर्ज पर एक भव्य आर्ट इंस्टॉलेशन तैयार किया जा रहा है, जो पूरी तरह से कबाड़ धातु सामग्री से निर्मित होगा।
यह शिल्प 17 फीट ऊँचा और 12 फीट चौड़ा होगा, जिसका स्वरूप छठ पूजा में प्रयोग किए जाने वाले पारंपरिक सूप के आकार में होगा। इसमें दो हाथों से थामे सूप के भीतर धातु से बने फल, गन्ना और अन्य प्रसाद सामग्री सजाई जाएगी। यह दृश्य समृद्धि, आभार और जीवन चक्र का प्रतीक होगा।
परंपरा और आधुनिकता का संगम
बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि यह शिल्प सिर्फ देखने योग्य कला का नमूना नहीं होगा, बल्कि इसके पीछे गहरा संदेश भी छिपा है। सूर्य की उपासना और ऊर्जा के महत्व को दर्शाता यह शिल्प, आमजन को परंपरा और पर्यावरणीय चेतना दोनों से जोड़ने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व से पहले इस कलाकृति को पूर्ण कर दिया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इस कला कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे रीसाइकल की गई धातु सामग्री से बनाया जा रहा है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली का संदेश देगी, बल्कि यह भी दिखाएगी कि कबाड़ को भी रचनात्मकता के जरिए कला और सांस्कृतिक प्रतीक में बदला जा सकता है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
यह अनोखा शिल्प दीघा घाट आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बनेगा। इससे पटना की सुंदरता और कलात्मक पहचान को नई ऊँचाई मिलेगी। साथ ही यह पहल समाज को यह भी सिखाएगी कि आस्था, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण मिलकर ही एक सतत और सुंदर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
