पटना | 14 मार्च, 2026
पटना शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पटना नगर निगम (PMC) ने अपनी कमर कस ली है। धूल कणों और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए शहर के मुख्य मार्गों से लेकर मैदानों तक ‘युद्ध स्तर’ पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके साथ ही, निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे के अवैध निपटान को लेकर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए भारी जुर्माने का प्रावधान किया है।
शहरवासियों की सुविधा के लिए निगम ने एक विशेष पहल शुरू की है। अब नागरिक अपने घर या निर्माण स्थल का मलबा (सीएनडी वेस्ट) सड़कों पर फेंकने के बजाय निगम की मदद से हटवा सकते हैं।
- सुविधा शुल्क: मात्र ₹600 प्रति फेरा।
- कैसे करें संपर्क: हेल्पलाइन नंबर 155304 या व्हाट्सएप चैटबोट नंबर 9264447449 पर संदेश भेजकर इस सेवा का लाभ उठाया जा सकता है।
नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई: 49 स्थल बंद, लाखों का जुर्माना
निगम की टीम ने शहर के 696 निर्माण स्थलों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान धूल नियंत्रण मानकों की अनदेखी करने वाले 49 स्थलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें कई को बंद किया गया और कुल ₹1,54,100 की जुर्माना राशि वसूली गई।
निगम की चेतावनी: सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से मलबा फेंकने वालों पर ₹1500 का तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा और मलबे को जब्त कर लिया जाएगा।
इन 4 केंद्रों पर जमा कर सकते हैं निर्माण कचरा
निगम ने सीएनडी वेस्ट के निष्पादन के लिए शहर में चार प्रमुख ‘सेकेंडरी पॉइंट’ निर्धारित किए हैं:
- पाटलिपुत्रा कॉलोनी: पानी टंकी के पास।
- नूतन राजधानी अंचल: खगौल रोड, गर्दनीबाग।
- कंकड़बाग अंचल: एनआरएल पेट्रोल पंप के पास, ट्रांसपोर्ट नगर।
- बांकीपुर अंचल: महाराणा प्रताप मैरिज हॉल के पास, आर्य कुमार रोड।
गांधी मैदान और प्रमुख सड़कों पर विशेष निगरानी
धूल को कम करने के लिए एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर मशीनों का उपयोग दो पालियों (दिन और रात) में किया जा रहा है। विशेष रूप से गांधी मैदान और उसके आसपास के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जहाँ मेलों और छात्रों की भारी भीड़ रहती है। इसके अलावा बेली रोड, बोरिंग रोड, अटल पथ और अशोक राजपथ जैसी मुख्य सड़कों पर मशीनीकृत सफाई और धुलाई निरंतर जारी है।
