पटना। पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिले के निजी स्कूलों में प्रवेश शुल्क (Admission Fee), ट्यूशन शुल्क, विकास शुल्क और वार्षिक शुल्क के नाम पर की जा रही अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे सरकारी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराएं और नियमों को ताक पर रखने वाले स्कूलों को चिह्नित करें।
- मनमानी पर लगाम: जिलाधिकारी ने कहा कि नामांकन और अन्य मदों में स्कूल अपनी मर्जी से शुल्क नहीं बढ़ा सकते। शिक्षा विभाग द्वारा तय किए गए मानकों का हर हाल में पालन करना होगा।
- सख्त जांच के निर्देश: DM त्यागराजन एसएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों से प्राप्त शिकायतों की गहनता से जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी अभिभावक पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाला जाए।
- दोषी स्कूलों पर होगी कार्रवाई: डीएम ने चेतावनी दी है कि जो भी स्कूल संचालक आदेशों की अवहेलना करेंगे या अवैध तरीके से फीस वसूली करते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- पारदर्शिता की मांग: प्रशासन का जोर इस बात पर है कि स्कूल अपनी फीस संरचना (Fee Structure) में पारदर्शिता रखें और उसे सार्वजनिक करें ताकि अभिभावक गुमराह न हों।
- पिछले कुछ समय से पटना के विभिन्न क्षेत्रों से स्कूल संचालकों द्वारा विकास शुल्क और वार्षिक शुल्क के नाम पर मनमाने पैसे मांगे जाने की शिकायतें आ रही थीं। डीएम के इस कड़े हस्तक्षेप के बाद अब मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
”विद्यार्थियों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई विद्यालय निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो प्रशासन उनके खिलाफ कठोरतम कदम उठाएगा।” — डॉ. त्यागराजन एसएम, जिलाधिकारी, पटना
