पटना | सोमवार, 30 मार्च 2026
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आज समाहरणालय में आयोजित ‘जनता दरबार’ के दौरान आम लोगों की समस्याओं का सीधा संज्ञान लिया। विभिन्न क्षेत्रों से आए 47 फरियादियों ने अपनी शिकायतों को डीएम के समक्ष रखा, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फोन पर ही ‘ऑन-स्पॉट’ समाधान और समयबद्ध निष्पादन के कड़े निर्देश दिए।
’सबका सम्मान-जीवन आसान’ के तहत जनसुनवाई
जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान’’ (Ease of living) के लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब जिले के सभी सरकारी कार्यालयों (पंचायत से लेकर जिला स्तर तक) में सप्ताह के दो दिन (सोमवार और शुक्रवार) निर्धारित समय पर अधिकारी जनता से मिल रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों के दैनिक जीवन की कठिनाइयों को कम करना और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
प्रमुख मामले और डीएम का एक्शन:
जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से राजस्व, पुलिस, कृषि और शिक्षा से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुईं:
फर्जी रजिस्ट्री मामला: दीदारगंज के राजू सिंह ने दाखिल-खारिज और फर्जी रजिस्ट्री की शिकायत की, जिस पर डीएम ने डीसीएलआर (पटना सिटी) को त्वरित जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया।
हिट एंड रन मुआवजा: पालीगंज के श्याम कुमार दास ने दुर्घटना मुआवजे के लिए आवेदन दिया। इसके लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को अविलंब निष्पादन हेतु निर्देशित किया गया।
छात्रावास एवं भत्ता: जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास के सुमित कुमार ने प्रवेश बहाली और लंबित भत्ते का मुद्दा उठाया। डीएम ने जिला कल्याण पदाधिकारी को नियमसंगत त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।
बिजली विभाग की लापरवाही: नालंदा के ब्रज बिहारी प्रसाद ने शिकायत की कि बिना पोल-तार लगाए ही कागजों पर कृषि कनेक्शन दिखाकर बिल भेजा जा रहा है। डीएम ने कार्यपालक अभियंता (बख्तियारपुर) को इसे तुरंत सुधारने का निर्देश दिया।
”जनता की संतुष्टि ही सर्वाेपरि”
डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि केवल फाइलों का निपटारा करना काफी नहीं है, बल्कि जनता की वास्तविक संतुष्टि ही प्रशासन की सफलता का पैमाना है। उन्होंने कहा, “हमारा प्रशासनिक तंत्र सजग है ताकि किसी भी नागरिक को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।”
