पटना, 13 अगस्त — पटना के जिलाधिकारी ने आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप हर संभव सहायता बाढ़ पीड़ितों तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुँचाई जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने, बच्चों, महिलाओं, किसानों और बुजुर्गों सहित आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं का फीडबैक लेने और परिस्थिति के अनुसार तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के जान-माल की सुरक्षा और समय पर राहत पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रभावित क्षेत्र और जनसंख्या
गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण जिले के 7 प्रखंड — अथमलगोला, बाढ़, दानापुर, दनियावां, मनेर, मोकामा और पटना सदर — की 24 पंचायतों में लगभग 2,38,000 की आबादी प्रभावित हुई है।
राहत एवं बचाव की मौजूदा स्थिति
11 सामुदायिक रसोई केन्द्र सक्रिय, अब तक 70,881 थालियों में भोजन उपलब्ध कराया गया।
8,022 ड्राई राशन पैकेट एवं 7,780 पॉलीथीन शीट वितरित।
95 नावें राहत कार्य में संचालित, आवागमन सुगम बनाने हेतु।
722 क्विंटल पशुचारा वितरित, पशु चिकित्सा उपलब्ध।
एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की 1-1 टीम तैनात।
235 निजी नावों के साथ एकरारनामा, 265 गोताखोर प्रशिक्षित, 270 लाइफ जैकेट, 4 GPS सेट, 5 inflatable light system और 40,773 पॉलीथीन शीट का भंडारण।
119 शरणस्थल चिन्हित और तैयार।
जिलाधिकारी के निर्देश
नावों के परिचालन में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन।
सामुदायिक रसोई में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों, घाटों और तटबंधों की सतत निगरानी।
सभी वरीय और क्षेत्रीय पदाधिकारी निरंतर भ्रमणशील रहें।
किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला आपदा प्रबंधन तंत्र पूर्णतः सक्रिय रहे।
मौजूदा स्थिति और प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर अब घट रहा है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की संभावना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में डायल-112, जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (0612-2210118) या 24×7 जिला नियंत्रण कक्ष (0612-2219810 / 2219234) पर संपर्क करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्य में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और सभी एजेंसियां पूर्ण सतर्कता के साथ काम कर रही हैं।
