पटना, 24 फरवरी, 2026: राजधानी पटना के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने और बिचौलियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर गठित फ्लाइंग स्क्वायड (धावा दल) ने मंगलवार को पीएमसीएच (PMCH), न्यू गार्डिनर अस्पताल और लोकनायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल (राजबंशी नगर) में औचक छापेमारी की।
एम्बुलेंस माफिया पर कसा शिकंजा: ₹72,000 का जुर्माना: छापेमारी के दौरान टीम सबसे पहले पीएमसीएच पहुँची, जहाँ अवैध रूप से संचालित और बिना परमिट के चल रही एम्बुलेंस की सघन जाँच की गई।कार्रवाई: कुल 08 वाहनों और एम्बुलेंस का मौके पर चालान काटा गया।
जुर्माना: नियमों के उल्लंघन के आरोप में 72,000 रुपये का दंड वसूला गया।चेतावनी: अस्पताल परिसर में अवैध पार्किंग करने वाले वाहन स्वामियों को सख्त चेतावनी दी गई कि दोबारा उल्लंघन करने पर वाहन जब्त कर लिए जाएंगे।
अस्पतालों के भीतर जाँच और दलालों पर वार: अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था) के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, पैथोलॉजी और इमरजेंसी वार्ड का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
न्यू गार्डिनर अस्पताल: यहाँ मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) की मौजूदगी पर टीम ने आपत्ति जताई और निदेशक को सूचित कर कार्रवाई का निर्देश दिया।
लोकनायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल: राजबंशी नगर स्थित इस अस्पताल में सुविधाओं का जायजा लिया गया और प्रशासन को दलालों के विरुद्ध रिपोर्ट देने को कहा गया।
जांच टीम ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया और उन्हें दलालों व बिचौलियों के झाँसे में न आने की सलाह दी।
जीरो टॉलरेंस की नीति: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पिछली कुछ कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए बताया कि:
पूर्व में पीएमसीएच से एक संदिग्ध को मरीजों के दोहन के आरोप में पकड़कर जेल भेजा गया था। और गत 4 फरवरी को पीएमसीएच में ही मरीजों से पैसे लेते पकड़ी गई महिला सफाई कर्मी को तत्काल सेवामुक्त कर दिया गया था।
प्राथमिकी: एनएमसीएच (NMCH) में अवैध गतिविधियों में शामिल दो लोगों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।”
सरकारी अस्पतालों में निजी नर्सिंग होम, लैब या दवा दुकानों के एजेंट मरीजों को गुमराह करते हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यदि कोई सरकारी कर्मी इसमें संलिप्त पाया गया, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।” — डॉ. त्यागराजन एस.एम., जिलाधिकारी, पटना
प्रशासन का कड़ा संदेश: जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासनों को हिदायत दी है कि वे सरकार के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी और उत्तरदायी तरीके से मरीजों को सेवाएं दें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त गाज गिरेगी
