हड़ताल के बावजूद दाखिल-खारिज और ई-मापी के हजारों मामलों का हुआ त्वरित निष्पादन।
- 50% से अधिक अधिकारी कर्तव्य पर तैनात, मुख्यालय से हो रही है पल-पल की मॉनिटरिंग।
- काम पर न लौटने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू।
पटना | 24 मार्च, 2026
बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने आज स्पष्ट किया कि राजस्व सेवा अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के बावजूद राज्य में भूमि संबंधी कार्यों की गति धीमी नहीं पड़ने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आम जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी परिस्थिति में आमजन को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
आंकड़े जो सुशासन की गवाही देते हैं
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 9 मार्च से चल रहे सामूहिक अवकाश के दौरान भी विभागीय कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जो सरकार की मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था का प्रमाण है:

श्री सिन्हा ने जानकारी दी कि वर्तमान में 50 प्रतिशत से अधिक अधिकारी मुस्तैदी से अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। विभाग का तकनीकी तंत्र और प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय है ताकि जनता के आवेदनों का निपटारा समय सीमा के भीतर हो सके।
उपमुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा:
“राज्य सरकार के लिए जनता का हित सर्वोपरि है। हम अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे अपने कर्तव्यों पर लौटें। जो अधिकारी अब तक कार्य पर वापस नहीं आए हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।”
उन्होंने अंत में दोहराया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग भ्रष्टाचार मुक्त और सुगम सेवा सुनिश्चित करने के अपने संकल्प पर अडिग है।
