पटना | 18 मार्च, 2026
पटना जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम के कड़े निर्देशों के बाद जिले में घरेलू एलपीजी (LPG) गैस की कालाबाजारी और इसके अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ा गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा नियमों के उल्लंघन को रोकना है।
इसी क्रम में पटना सिटी, पटना सदर और बाढ़ अनुमंडलों में सघन छापेमारी की गई, जिसमें कई नामचीन होटल और कैफे नियमों की धज्जियां उड़ाते पाए गए।
प्रशासनिक टीम ने विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण कर निम्नलिखित कार्रवाई की है:

पटना सदर (कंकड़बाग): अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर के नेतृत्व में हुई जांच में ‘डाउन टाउन कैफे’ में घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पकड़ा गया। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैफे परिसर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है और संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है।
पटना सिटी: अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान ‘चंपारण चूल्हा’ नामक प्रतिष्ठान को घरेलू गैस का उपयोग करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार इस संस्थान के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बाढ़ अनुमंडल: यहाँ ‘नीलम किचन’ में अनियमितता पाई गई, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी करने के आरोप में एक व्यक्ति को चिन्हित कर उसके विरुद्ध भी मामला दर्ज किया गया है।
प्रशासन का कड़ा रुख
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग केवल घरों में खाना पकाने के लिए सुरक्षित है। होटलों और कैफे जैसे व्यावसायिक स्थलों पर इनका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आम जनता के हक की चोरी भी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और दोषी पाए जाने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।
