पटना | शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026
पटना शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। प्रमंडलीय आयुक्त श्री अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में आज हुई उच्चस्तरीय बैठक में पटना शहरी क्षेत्र को तीन जोन में बाँटकर ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन को विनियमित करने का फैसला लिया गया है।
जोन और रूट के आधार पर मिलेंगे परमिट
नई व्यवस्था के तहत, पटना शहर को तीन अलग-अलग जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन के लिए निर्धारित रूट की ‘कैरिंग कैपेसिटी’ (वाहन वहन क्षमता) का आकलन किया जाएगा और उसी के आधार पर परमिट जारी किए जाएंगे। इससे किसी एक रूट पर वाहनों का अत्यधिक दबाव नहीं बढ़ेगा।
मुख्य सड़कों पर ई-रिक्शा के परिचालन पर लग सकती है रोक
सुरक्षा और यातायात की गति को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण मार्गों पर ई-रिक्शा के परिचालन को प्रतिबंधित करने पर विचार किया है। इन सड़कों में शामिल हैं:
- मरीन ड्राइव और अटल पथ
- बेली रोड और पुरानी बाईपास
- एक्जीविशन रोड, बाकरगंज और फ्रेजर रोड
- गाँधी मैदान और अनिसाबाद से फुलवारी रोड
बैठक में निर्णय लिया गया कि रिजर्व या प्रीपेड ऑटो के लिए ‘फ्री जोन’ बनाया जाएगा ताकि यात्रियों को सुविधा हो। साथ ही, शहर के प्रमुख स्थानों पर ऑटो और ई-रिक्शा के लिए विशिष्ट पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएंगे, जिससे सड़कों पर अवैध पड़ाव कम होगा।
आयुक्त ने निर्देश दिया है कि परमिट आवंटन में पारदर्शिता बरती जाए और प्राथमिकता उन आवेदकों को दी जाए जो:
- पूर्व से नगर सेवा के परमिटधारी हों।
- स्वयं चालक हों और उसी संबंधित जोन के निवासी हों।
- वाहन स्वयं के नाम पर या माता-पिता/पत्नी के नाम पर हो। शेष परमिटों का चयन रैंडमाइजेशन (लॉटरी) के आधार पर किया जाएगा।
इस बैठक में नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा, ट्रैफिक एसपी श्री सागर कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी और ऑटो यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हुए। यूनियन की मांगों और सुझावों को सुनने के बाद आयुक्त ने दो सप्ताह बाद पुनः बैठक करने का निर्णय लिया है ताकि योजना को अंतिम रूप दिया जा सके।
