DUSU नतीजों पर प्रशांत किशोर का बयान: समाज में गुस्सा जरूर है, लेकिन बदलाव के लिए इसे सही दिशा देना जरूरी
बेगूसराय: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के नतीजों और बिहार की शराबबंदी को लेकर सरकार पर करारा हमला बोला है। बेगूसराय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने DUSU नतीजों को जनता के गुस्से के बावजूद भाजपा समर्थित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जीत को स्वाभाविक बताया।
उनके अनुसार राजनीतिक दलों को लोगों के गुस्से को जन आंदोलन में बदलने आना चाहिए। निरंतर प्रयास से लोगों के मन में विश्वास पैदा करना चाहिए। तब जाकर राजनीतिक दल को सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
प्रशांत किशोर ने कहा, “डूसू का रिजल्ट दिखाता है कि समाज में सरकार के खिलाफ गुस्सा है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि विपक्ष अपने आप जीत जाएगा। जब तक उस गुस्से को सही और सकारात्मक तरीके से दिशा नहीं दी जाएगी, तब तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होने वाला।” उनके अनुसार विपक्ष के इसी कमजोरी के कारण DUSU में भाजपा समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी की प्रचंड जीत हुई है।
वहीं बिहार में शराबबंदी और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खुद 7वीं पास है और जिस पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उससे बिहार की बेहतरी की उम्मीद करना ही बेकार है। उन्होंने कहा, “अगर आप ऐसे लोगों से राज्य के सुधार की उम्मीद रख रहे हैं, तो दोष सम्राट चौधरी का नहीं, बल्कि हमारा और आपका है।
