Sunday, September 20, 2026
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माटी-पूर्वांचल महोत्सव में मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल की विभूतियों को किया सम्मानित

माटी-पूर्वांचल महोत्सव में मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल की विभूतियों को किया सम्मानित

माटी महोत्सव बिहार के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बने – मुख्यमंत्री

पूर्वांचल बिहार और उत्तर प्रदेश की साझा विरासत है, दोनों राज्य मिलकर विकसित भारत के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएंगे

माटी का फर्ज निभाना होगा, माटी का कर्ज लौटाना होगा’ – इस भाव को लेकर सबको सोचना होगा

पटना, 19 सितम्बर, 2026 :- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज ऊर्जा ऑडिटोरियम, पटना में ‘माटी’ संस्था द्वारा आयोजित 9वें माटी-पूर्वांचल महोत्सव में शामिल हुए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महोत्सव में आना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। यहाँ बज्जिका, मगही, मैथिली, भोजपुरी और अंगिका जैसी भाषाएँ बोली जाती हैं, जो हमारी विविधतापूर्ण सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक हैं।

यह धरती श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मभूमि, भगवान महावीर की कर्मभूमि और भगवान बुद्ध की ज्ञानभूमि है। महात्मा गांधी को ‘महात्मा’ की उपाधि भी बिहार की धरती से ही मिली। नालंदा जाकर हम देखते हैं कि हजारों साल पहले भी बिहार में शिक्षा कितनी उन्नत थी। नालंदा विश्वविद्यालय उस दौर में दुनिया के सबसे बड़े शिक्षा केंद्रों में से एक था।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पूर्वांचल को केवल एक क्षेत्र नहीं, बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश की साझा सांस्कृतिक चेतना के रूप में देखते हैं। दोनों राज्यों की बड़ी आबादी और मानव संसाधन देश के विकास में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। हाल ही में 2500 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की गई है। 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में आधुनिक शिक्षा और लाइव क्लास की सुविधा शुरू की गई है। बच्चों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिसका लाभ छात्रों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने माटी संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था पूर्वांचल के लोगों, उनकी कला, खान-पान, लोकगीत-संगीत और प्रतिभाओं को एक मंच दे रही है, जो सराहनीय है। उन्होंने आह्वान किया कि माटी महोत्सव के जरिए बिहार की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर माटी का फर्ज निभाना होगा और माटी का कर्ज लौटाना होगा।

इन विभूतियों को किया गया सम्मानित

समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को ‘माटी सम्मान’ से सम्मानित किया।

सम्मानित होने वालों में लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी, पूर्व क्रिकेटर सैयद सबा करीम, आज तक की सीनियर मैनेजिंग एडिटर श्वेता सिंह, बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी ब्रजेश कुमार सिंह, पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अरुण कुमार सिंह, पटना के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन, देहात के संस्थापक एवं सीईओ शशांक कुमार तथा भारतीय फुटबॉल टीम की कोच एवं उप कप्तान मधु कुमारी शामिल हैं।

कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, पुष्प-गुच्छ और प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, सांसद एवं माटी संस्था के संरक्षक जगदंबिका पाल, माटी संस्था के संयोजक आसिफ आज़मी, दानिश इकबाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति एवं माटी संस्था से जुड़े सदस्य उपस्थित थे।

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