Saturday, September 19, 2026
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पटना के ज्ञान भवन में 20 सितंबर से सजेगा ‘बिहार सरस मेला’, 15 राज्यों की जीविका दीदियां दिखाएंगी अपना हुनर

प्रवेश बिल्कुल नि:शुल्क, सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक उठा सकेंगे मेले का लुफ्त

पहली बार होगा ‘क्रेता-विक्रेता संवाद’, प्रदर्शनी के साथ-साथ व्यापारिक मौकों पर रहेगा जोर

पटना।

ग्रामीण भारत के हुनर, हस्तकला और पारंपरिक व्यंजनों का अनूठा संगम एक बार फिर राजधानी पटना में देखने को मिलेगा। ग्रामीण विकास विभाग, बिहार के तत्वाधान में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) द्वारा 20 से 29 सितंबर 2026 तक ज्ञान भवन में ‘बिहार सरस मेला’ के प्रथम संस्करण का आयोजन किया जा रहा है।

वर्ष 2014 से शुरू हुई सरस मेले की यह यात्रा अब अपने 18वें संस्करण में पहुंच चुकी है। इस 10 दिवसीय मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों और उनके शिल्पकला को सीधे बड़े बाजार से जोड़ना है।

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15 राज्यों के शिल्प और संस्कृति का दिखेगा मेल

इस बार मेले में बिहार के सभी 38 जिलों के अलावा देश के 15 राज्यों—राजस्थान, गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मणिपुर, गोवा और जम्मू-कश्मीर की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। ज्ञान भवन परिसर में कुल 135 स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहां देश भर की लोक कला, हस्तशिल्प और सुप्रसिद्ध उत्पादों की प्रदर्शनी सह बिक्री होगी।

बनारसी सिल्क से लेकर मधुबनी पेंटिंग और लाह की चूड़ियां

मेले में आने वाले लोगों के लिए हस्तशिल्प, हैंडलूम, कालीन, मलबरी सिल्क, खादी की साड़ियां, प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग, लाह की चूड़ियां, सीप के गहने, बांस और लकड़ी से बने होम-डेकोर के सामान और केले के डंठल से तैयार उत्पाद मुख्य आकर्षण होंगे।

इसके साथ ही, जीविका दीदियों द्वारा संचालित महानंदा चाय उत्पादक कंपनी, जीविका शिल्पग्राम, जीविका मधु ग्राम और जानकी महिला सिलाई केंद्र के विशेष स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

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दीदी की रसोई’ में मिलेगा लजीज देशी व्यंजनों का स्वाद

फूड जोन में ‘दीदी की रसोई’ के माध्यम से आगंतुक शुद्ध, स्वादिष्ट और पौष्टिक देशी व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इसके अलावा बिहार और अन्य राज्यों के मशहूर अचार, पापड़, सत्तू, बरी, दनौरी और ड्राई फ्रूट्स के स्टॉल भी मौजूद रहेंगे।

क्रेता-विक्रेता संवाद’: व्यापार बढ़ाने की नई पहल

इस वर्ष ज्ञान भवन में एक नई शुरुआत करते हुए ‘क्रेता-विक्रेता संवाद’ (Buyer-Seller Meet) का आयोजन किया जा रहा है। इसका मकसद केवल सामान बेचना नहीं, बल्कि महिला उद्यमियों को बड़े संस्थागत खरीदारों (Institutional Buyers) से जोड़ना है। इसमें उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, सप्लाई और बाजार की मांग पर सीधी चर्चा होगी, जिससे जीविका दीदियों को बड़े पैमाने पर बिजनेस ऑर्डर मिल सकेंगे।

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डिजिटल भुगतान और नि:शुल्क प्रवेश

खरीदारी को आसान बनाने के लिए सभी स्टॉलों पर कैशलेस (UPI/QR) भुगतान की सुविधा दी गई है। साथ ही रुपयों की निकासी और जमा के लिए जीविका दीदियों द्वारा ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) भी संचालित रहेगा। मेला रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा और इसमें प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया है।

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