पटना। बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग द्वारा आयोजित ‘मेगा जॉब फेयर-2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 20,226 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। ज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रोजगार के अवसरों को विकेंद्रीकृत करने के लिए अगले वर्ष से राज्य के प्रत्येक जिले में नियोजन मेलों का आयोजन किया जाएगा।
रोजगार फेयर की प्रमुख उपलब्धियां
मेगा जॉब फेयर में 115 से अधिक प्रमुख नियोक्ताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए:
कुल चयन: 20,226 युवाओं को नौकरी के अवसर मिले।
राज्य में रोजगार: 3,940 अभ्यर्थियों को बिहार के भीतर ही पदस्थापन मिला।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन: 476 युवाओं को विदेश में रोजगार के लिए चुना गया।
समावेशी अवसर: 36 दिव्यांगजनों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
स्किल डेवलपमेंट और कल्याणकारी पहलों की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कौशल विकास और पुनर्वास योजनाओं का शुभारंभ किया:
पुनर्वास केंद्र: बिहार मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (भोजपुर) में मानसिक रोग से स्वस्थ हुए व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु प्रशिक्षण केंद्र का डिजिटल उद्घाटन।
समावेशी प्रशिक्षण: दिव्यांगजन एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के लिए विशेष केंद्र तथा प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत।
कौशल विकास का दायरा: बिहार कौशल विकास मिशन के तहत अब तक 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि कुशल युवा कार्यक्रम के माध्यम से 12 लाख युवाओं को प्रमाण पत्र दिए गए हैं।
औद्योगिक व ढांचागत विकास की योजनाएं
राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए मुख्यमंत्री ने आगामी प्राथमिकताओं को रेखांकित किया:
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर: पटना में वैश्विक स्तर पर व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार से ‘वर्ल्ड ट्रेड सेंटर’ स्थापित करने का आग्रह किया गया है।
मरीन ड्राइव परियोजना: पीपीपी (PPP) मोड पर 70,000 करोड़ रुपये की लागत से 126 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें राज्य सरकार 20,000 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
शिक्षा में सुधार: तकनीकी शिक्षा को सुलभ बनाते हुए पॉलिटेक्निक में ₹5 और इंजीनियरिंग में ₹10 में शिक्षा दी जा रही है। इसके अतिरिक्त राज्य में 211 नए डिग्री कॉलेज शुरू किए गए हैं तथा 511 मॉडल स्कूलों में लाइव ऑनलाइन क्लासेस की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार से जोड़ना है, ताकि बिहार के युवाओं को जीविकोपार्जन के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।
