बिहार के विकास की रफ्तार को तेज करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी ने सोमवार को गया जिले के खिजरसराय में 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रौद्योगिकी केंद्र (टैक्नोलॉजी सेंटर) का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। इस अवसर पर खिजरसराय में खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच देने के लिए 40 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने और फल्गू नदी को जलमग्न करने जैसी बड़ी घोषणाएं की गईं।
मुख्य बिंदु
औद्योगिक सौगात: गया के खिजरसराय (देवगांव) में 170 करोड़ रुपये की लागत से प्रौद्योगिकी केंद्र का शिलान्यास।
अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम: खेल को बढ़ावा देने के लिए खिजरसराय में 40 एकड़ जमीन पर बनेगा वर्ल्ड-क्लास स्टेडियम।
एमएसएमई में उछाल: बिहार में वर्ष 2022 में 6 लाख एमएसएमई थे, जो अब बढ़कर 46 लाख से अधिक हो गए हैं, जिससे 1.87 करोड़ लोगों को सीधा रोजगार मिला है।
मुफ्त बिजली और सब्सिडी: बिहार देश में सबसे सस्ती और निर्बाध बिजली देने वाला राज्य बना। उपभोक्ताओं को 23 हजार करोड़ की सब्सिडी और 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है।
फाइलों के निपटारे की समय-सीमा: जनसमस्याओं के आवेदन पर यदि 30 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई, तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी निलंबित होंगे।
एमएसएमई और रोजगार में बिहार की लंबी छलांग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और राज्य का आर्थिक ढांचा मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार में उद्योगों का जाल बिछ रहा है। पिछले चार वर्षों में एमएसएमई सेक्टर में अभूतपूर्व प्रगति हुई है और आज करीब 1 करोड़ 87 लाख लोग इस क्षेत्र से सीधे रोजगार पा रहे हैं। उद्योग विभाग की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए आवेदन करने पर यदि समय से क्लीयरेंस नहीं मिला, तो 31वें दिन मुख्यमंत्री के आदेश से स्वतः परमिट मिल जाएगा।
बिजली और लोक कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार आज देश को सबसे सस्ती और निर्बाध बिजली दे रहा है। राज्य सरकार हर उपभोक्ता को 125 यूनिट बिजली मुफ्त दे रही है। साथ ही हाल ही में शुरू की गई ‘पी०एम० सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत सोलर बिजली उत्पादन करने वाले नागरिकों के खाते में 126वीं यूनिट से पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे।
सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए सरकार ने व्यवस्था की है कि सभी सामाजिक पेंशनधारियों के खाते में हर महीने की 10 तारीख तक पेंशन राशि पहुंच जाएगी। इसके अलावा, 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के खाते में रोजगार शुरू करने के लिए 10-10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं और जल्द ही अगली किस्त भी जारी की जाएगी।
‘क्राइम और करप्शन’ पर कड़ा प्रहार
प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘सहयोग शिविर’ के नियमों को सख्त कर दिया है। अब जनता की समस्याओं का निवारण 10 दिनों के भीतर करना होगा। लापरवाही बरतने वाले अफसरों को क्रमशः 11वें, 21वें और 26वें दिन नोटिस जाएगा और 31वें दिन सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी। अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं होगा। अपराधियों का गयाजी में पिंडदान होगा या वे जेल में रहेंगे।”
फल्गू नदी की मुक्ति और बुनियादी ढांचा
धार्मिक और पौराणिक महत्व का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने संकल्प जताया कि माता सीता के श्राप से फल्गू नदी को मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए इंद्रपुरी जलाशय, सोन नदी और बाण सागर समझौते के पानी को हर हाल में फल्गू नदी में लाया जाएगा। इस दौरान गयाजी-इस्लामपुर-खिजरसराय पथ से टेक्नोलॉजी सेंटर (देवगांव) तक सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी शिलान्यास हुआ।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी सभा को संबोधित किया। समारोह में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार, उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, खेल एवं उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन सहित कई विधायक, विधान पार्षद और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार सहित शासन-प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
