भागलपुर: सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में हुए एक पुलिस एनकाउंटर ने अब विवाद का रूप ले लिया है। पुलिस जहाँ इसे आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई बता रही है, वहीं मृतक रामधनी यादव की बहू ने पुलिस पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।
बहू बेबी कुमारी के गंभीर आरोप: “यह फर्जी एनकाउंटर है”रामधनी यादव के बड़े बेटे सन्नी कुमार यादव की पत्नी बेबी कुमारी ने पुलिस की पूरी कहानी को सिरे से नकार दिया है।
बेबी कुमारी का दावा है कि:सरेंडर के बाद हत्या: पुलिस ने घटना के बाद उन्हें यानि सुल्तानगंज नगर परिषद की उपसभापति और रामधनी यादव की बहु बेबी कुमारी को मंगलवार शाम 5 बजे उठा कर ले गई थी।
जब उनके ससुर रामधनी यादव को इसकी सूचना मिली, तो वे पुलिस के सामने सरेंडर करने पहुँचे। उन्होंने पुलिस से कहा कि उनके परिवार को छोड़ दिया जाए और जो भी सजा हो, उन्हें दी जाए।
थाने के पीछे मारी गोली: बेबी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके ससुर के साथ पहले हाथापाई की और फिर उन्हें थाने के पीछे ले जाकर चार गोलियाँ मार दीं।CCTV बंद करने का दावा: उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के वक्त थाने के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे और उन्हें दूसरे फ्लोर पर एक कमरे में बंद कर दिया गया था, जहाँ से उन्होंने खिड़की से यह सब देखा।धमकी का आरोप: बेबी कुमारी ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकी दी कि अगर वह मुँह खोलेंगी, तो उनका भी हाल उनके ससुर जैसा ही कर दिया जाएगा।दूसरी ओर, भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए पुलिस का पक्ष रखा है। पुलिस के अनुसार:रामधनी यादव को उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद करने के लिए ले जाया गया था।उसी दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से रामधनी यादव की मौत हो गई।फिलहाल यह मामला “पुलिस एनकाउंटर” बनाम “हिरासत में हत्या” के आरोपों के बीच फँसा हुआ है। जहाँ एक तरफ पुलिस अपनी कार्रवाई को कानून सम्मत बता रही है, वहीं पीड़ित परिवार के दावों ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच ही सच्चाई सामने ला पाएगी।
